You are currently viewing पंजाब में तेज बारिश ने उजाड़ा गरीब का आशियाना, मलबे में दबी किश्तों पर ली गृहस्थी; दाने-दाने को मोहताज हुआ परिवार

पंजाब में तेज बारिश ने उजाड़ा गरीब का आशियाना, मलबे में दबी किश्तों पर ली गृहस्थी; दाने-दाने को मोहताज हुआ परिवार

फाजिल्का: क्षेत्र में हुई तेज बरसात एक गरीब परिवार के लिए बड़ी आफत लेकर आई है। गांव लक्खे के उताड़ में भारी बारिश के कारण एक बेहद गरीब व्यक्ति के मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में पीड़ित परिवार का घर पूरी तरह से मलबे के ढेर में तब्दील हो गया और अंदर रखा गृहस्थी का सारा सामान भी नष्ट हो गया। छत छिन जाने के बाद यह परिवार अब दाने-दाने के लिए मोहताज हो गया है और उन्होंने बेबसी में प्रशासन व समाज से मदद की गुहार लगाई है।

बाल-बाल बची जान, आंखों के सामने मलबे में बदला घर

हादसे का शिकार हुए पीड़ित जत्थेदार मलकीत सिंह ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि जिस समय तेज बरसात हो रही थी, वह घर के भीतर ही सो रहे थे। जैसे ही बारिश थमी, वह किसी जरूरी काम से घर से बाहर निकले। उनके बाहर कदम रखते ही पीछे से अचानक एक जोरदार धमाके की आवाज आई। जब उन्होंने पलटकर देखा, तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। उनके मकान की पूरी छत ढह चुकी थी। इस खौफनाक घटना में मलकीत सिंह की जान तो बाल-बाल बच गई, लेकिन उनका आशियाना उनके सामने ही उजड़ गया।

मलबे में दबी जीवनभर की कमाई और किश्तों पर लिया सामान

मलकीत सिंह ने रुंधे गले से बताया कि छत गिरने से घर में रखा बेड, अलमारी और सारा घरेलू सामान मलबे के नीचे दबकर पूरी तरह से टूट गया है। अब उनके पास रोटी बनाने और खाने के लिए एक साबुत बर्तन तक नहीं बचा है। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए उन्होंने हाल ही में बड़ी मुश्किल से किश्तों पर एक कूलर खरीदा था, वह भी इस भारी मलबे में दबकर चकनाचूर हो गया। इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी जीवनभर की छोटी सी जमा-पूंजी को एक झटके में खत्म कर दिया है।

मजदूरी के सीजन में टूटा उम्मीदों का पहाड़, लगाई मदद की गुहार

अपने परिवार का पेट पालने के लिए मलकीत सिंह एक स्थानीय चौकीदार के रूप में काम करते हैं, जिससे उन्हें हर महीने मात्र 6,000 रुपये तनख्वाह मिलती है। इस महंगाई में इतनी कम रकम से गुजारा करना पहले ही बेहद मुश्किल था। इन दिनों इलाके में धान की बिजाई का सीजन चल रहा है और उन्हें उम्मीद थी कि अतिरिक्त मजदूरी करके वे कुछ पैसे कमा लेंगे, लेकिन इस अप्रत्याशित हादसे ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। सिर छुपाने की जगह छिन जाने के बाद पीड़ित ने अब जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज सेवियों से तुरंत आर्थिक सहायता और तिरपाल आदि मुहैया कराने की अपील की है, ताकि वह अपने परिवार को खुले आसमान के नीचे से बचा सकें।

Heavy rains in Punjab destroyed a poor family’s home, burying their household belongings