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पंजाब में नौकरी की चाहत बनी मौत का कारण, कई परीक्षाओं के बाद भी नहीं मिली सफलता, हताश ITI छात्र ने ट्रेन के आगे कटकर दी जान

अबोहर: अबोहर के गांव सैदांवाली में कई महीनों की कोशिशों के बाद भी रोजगार न मिलने से मानसिक रूप से परेशान चल रहे एक 22 वर्षीय आईटीआई छात्र ने आज सुबह रेलवे लाइन पर ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली है। इस खौफनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और जवान बेटे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जीआरपी और समाजसेवी संस्था ने संभाला शव

घटना की सूचना मिलते ही सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) अबोहर की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। इस दौरान नर सेवा नारायण सेवा समिति के सेवादारों ने अहम भूमिका निभाई। समिति के सेवादार बिट्टू नरूला ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें सुबह करीब 9:30 बजे इस दर्दनाक हादसे की सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद वह अपने साथी सोनू ग्रोवर के साथ मौके पर पहुंचे, जहां जीआरपी अधिकारी अजीत सिंह, मृतक के परिजन और गांव के सरपंच रमन कुमार पहले से मौजूद थे। पुलिस ने संस्था की मदद से शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है।

रेलवे में भर्ती की कर रहा था तैयारी, निराशा ने ली जान

मृतक युवक की पहचान 22 साल के लीलाधर के रूप में हुई है। गांव के सरपंच रमन कुमार ने भारी मन से बताया कि लीलाधर 12वीं पास था और आईटीआई करने के साथ-साथ वह भारतीय रेलवे में नौकरी पाने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहा था। वह दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था और अपने परिवार का सहारा बनना चाहता था। उसने कई बार भर्ती परीक्षाएं भी दीं, लेकिन सफलता नहीं मिली। बार-बार मिल रही इस विफलता और नौकरी न मिलने की हताशा के चलते वह गहरे मानसिक तनाव में चला गया था, जिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

गांव में पहले भी बेरोजगारी ले चुकी है जान

सरपंच रमन कुमार ने एक और दुखद बात साझा करते हुए बताया कि बेरोजगारी से तंग आकर जान देने की गांव में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे कुछ साल पहले भी गांव के एक अन्य होनहार युवा ने इसी तरह नौकरी न मिलने से निराश होकर अपनी जान दे दी थी। फिलहाल पुलिस ने मोर्चरी में शव रखवाकर लीलाधर के परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर युवाओं में बेरोजगारी के कारण बढ़ रहे मानसिक अवसाद की गंभीर तस्वीर पेश की है।

Desire for a job leads to tragedy in Punjab; after failing to succeed despite multiple exams