जालंधर: जालंधर देहात के थाना मेहतपुर के अधीन आते गांव बंगीवाल में बीती रात पुलिस रेड के दौरान घायल हुए 23 वर्षीय आरोपी लवप्रीत उर्फ लवी की मौत के मामले में पुलिस प्रशासन ने स्थिति साफ कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आज जालंधर देहात के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। एसएसपी ने साफ किया कि पुलिस टीम पर तेजधार हथियारों से हमला कर आरोपी को कस्टडी से भगाने की कोशिश की गई थी, जिसके बाद आत्मरक्षा और बचाव में गोलियां चलाई गईं।
307 का वांटेड और भगोड़ा था लवप्रीत, गुप्त सूचना पर हुई थी घेराबंदी
एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मेहतपुर पुलिस टीम बंगीवाल गांव में धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत दर्ज एक मामले में वांछित दोषी लवप्रीत सिंह उर्फ लवी को पकड़ने गई थी। 5 जनवरी को दर्ज हुए इस केस में कुल 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज था, जिसमें लवप्रीत लंबे समय से फरार और भगोड़ा (पीओ) चल रहा था। कल मेहतपुर के एसएचओ अमन सैनी को गुप्त सूचना मिली थी कि लवप्रीत अपने घर आया हुआ है, जिसके बाद पुलिस पार्टी ने पूरी प्लानिंग के साथ गांव में घेराबंदी कर उसके घर पर रेड की।
कस्टडी से छुड़ाने के लिए पुलिस पर डंडे और तेजधार हथियारों से हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर लवप्रीत को अपनी कस्टडी में ले लिया था। इसी दौरान लवप्रीत को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के लिए उसके पारिवारिक सदस्यों और समर्थकों ने पुलिस टीम का रास्ता रोक लिया। आरोपी को बचाने की सनक में परिजनों ने पुलिस पार्टी पर लाठी-डंडों और तेजधार हथियारों से अचानक हमला बोल दिया। इस हिंसक हमले में एसएचओ अमन सैनी और उनके गनमैन को गंभीर चोटें आईं। इसी बीच वहां भारी संख्या में लोग जमा हो गए और अचानक फायरिंग की आवाज सुनाई दी।
बचाव में गनमैन ने चलाई गोली, घायल को अस्पताल ले जाने से भी रोका
एसएसपी ने बताया कि हालात को बेकाबू होते देख और पुलिस टीम के बचाव के लिए एसएचओ के गनमैन द्वारा गोलियां चलाई गईं। इस क्रॉस फायरिंग में दो गोलियां लवप्रीत की टांग में जा लगीं। गोली लगने से घायल हुए लवप्रीत को जब पुलिस इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाने लगी, तो वहां भी परिजनों द्वारा भारी विरोध किया गया। लवप्रीत की मां, बहन और अन्य लोगों ने काफी देर तक पुलिस को उसे ले जाने से रोके रखा। कड़ी मशक्कत के बाद लवप्रीत को नकोदर के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां घावों के ताव न सहते हुए उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक और उसके पूरे परिवार पर दर्ज हैं संगीन मुकदमे, एफआईआर दर्ज
पुलिस विभाग ने इस हिंसक हमले और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने के आरोप में आज 6 जून को एफआईआर नंबर 123 के तहत धारा 306, 332 और 352 के तहत नया मामला दर्ज कर लिया है। एसएसपी ने खुलासा किया कि मृतक लवप्रीत का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उस पर एनडीपीएस एक्ट (नशा तस्करी) व लड़ाई-झगड़े समेत 4 मामले दर्ज थे, जिसमें एक केस में उसे सजा भी हो चुकी थी। इतना ही नहीं, उसका पूरा परिवार ही आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है; उसके भाई मनदीप पर अवैध माइनिंग और एनडीपीएस के 6 मामले दर्ज हैं, जबकि उसकी बहन गगनदीप पर भी एनडीपीएस एक्ट के तहत 4 मामले दर्ज हैं।
एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत कोर्ट की मौजूदगी में मृतक लवप्रीत का पोस्टमार्टम और मेडिकल करवाया जाएगा। पुलिस इस पूरे मामले की हर एंगल से गहराई से जांच कर रही है और कानून हाथ में लेने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

Investigation into Lovepreet’s death during a police raid in Jalandhar concluded








