वॉशिंगटन: अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा छेड़ी गई मुहिम के बीच मिनियापोलिस से एक दिल दहला देने वाला और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एक एजेंट ने चेकिंग के दौरान 37 वर्षीय अमेरिकी महिला रेनी निकोल गुड की गोली मारकर हत्या कर दी।
यह घटना दक्षिण मिनियापोलिस की है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि ICE के तीन एजेंट एक कार के आसपास मौजूद हैं और उसका दरवाजा खोलने की कोशिश कर रहे हैं। इसी दौरान जैसे ही महिला ने अपनी कार आगे बढ़ाई, वहां मौजूद एक एजेंट ने उस पर लगातार तीन गोलियां दाग दीं। इनमें से एक गोली सीधे महिला के सिर में जा लगी, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
देखें VIDEO-
🚨 Videos don’t lie.
So here is slow-motion footage shows ICE agents illegally detaining a U.S. citizen in Minneapolis… and shooting her as she tries to drive away.
Watch closely: she never drove toward an agent.
The agents attempted to aggressively force her out of her car… pic.twitter.com/RLk5Qrjbzb
— Jesus Freakin Congress (@TheJFreakinC) January 7, 2026
इस घटना के बाद अमेरिका में बवाल मच गया है और प्रशासनिक दावों पर सवाल उठने लगे हैं। डोनल्ड ट्रंप और ICE के अधिकारियों ने इस गोलीबारी को ‘आत्मरक्षा’ करार देते हुए सफाई पेश की है। उनका कहना है कि महिला ने अपनी कार से एजेंट को कुचलने की कोशिश की थी, जिसके जवाब में गोली चलानी पड़ी। हालांकि, मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे और वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने एजेंसी के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। मेयर जैकब फ्रे ने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि ICE का बयान पूरी तरह से बकवास है और एजेंसी खुद को बचाने के लिए झूठा नैरेटिव गढ़ रही है। वीडियो फुटेज यह स्पष्ट कर रहा है कि महिला ने एजेंट्स को मारने की कोई कोशिश नहीं की थी, इसके बावजूद उस पर जानलेवा हमला किया गया।









