You are currently viewing हंसी हुई खामोश: नहीं रहे पंजाबी सिनेमा के ‘पितामह’ जसविंदर भल्ला, 65 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

हंसी हुई खामोश: नहीं रहे पंजाबी सिनेमा के ‘पितामह’ जसविंदर भल्ला, 65 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

चंडीगढ़: पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर कॉमेडियन डॉ. जसविंदर भल्ला का आज निधन हो गया है। उन्होंने मोहाली के एक निजी अस्पताल में 65 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। वह करीब 1 महीने से बीमार थे। उनका अंतिम संस्कार कल (23 अगस्त) मोहाली में किया जाएगा। यह जानकारी मोहाली के डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने दी है।

जसविंदर भल्ला के करीबी दोस्त बाल मुकुंद शर्मा ने कहा कि यह क्षति कभी पूरी नहीं हो सकती। हमारा 49 साल पुराना साथ रहा। उन्होंने मुझे भाई का दर्जा दिया। उन्होंने मुझे कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि हम दो अलग-अलग माताओं से पैदा हुए हैं। वह पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के भीष्म पितामह थे।

कॉमेडियन पम्मी ने कहा कि यह बहुत दुख की घड़ी है। वह दिल और शुगर की बीमारी से पीड़ित थे, जिस कारण उन्होंने खुद को काम से दूर कर लिया था। उनका जाना पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

बता दें कि जसविंदर भल्ला का जन्म 4 मई 1960 को लुधियाना के दोराहा में हुआ था। उन्होंने 1988 में “छणकटा 88” से एक कॉमेडियन के रूप में अपना करियर शुरू किया और फिल्म “दुल्ला भट्टी” में एक अभिनेता बने।

जसविंदर भल्ला पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) में प्रोफेसर भी थे। वह पीएयू के ब्रांड एंबेसडर भी बने और अपने कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय की तकनीकों और साहित्य को किसानों तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। उनका पूरा ध्यान किसान समुदाय की सेवा करने और जागरूकता बढ़ाने पर था।

Punjabi cinema’s ‘Pitamaha’ Jaswinder Bhalla