
अमृतसर: लोकसभा चुनाव में खडूर साहिब सीट पर जीत हासिल करने के बाद खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ ने अब पंजाब की विधानसभा सियासत में भी उतरने का फैसला किया है। पार्टी तरनतारन विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में अपना उम्मीदवार उतारेगी। यह अहम जानकारी मंगलवार को खुद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने मीडिया को दी।
अमृतपाल सिंह के पैतृक गांव जल्लूपुर खेड़ा के गुरुद्वारा साहिब में समर्थकों के साथ बैठक के बाद तरसेम सिंह ने यह ऐलान किया। उन्होंने कहा, “पहले पार्टी ने फैसला किया था कि वह कोई भी उपचुनाव नहीं लड़ेगी, लेकिन तरनतारन विधानसभा क्षेत्र खडूर साहिब लोकसभा हलके का ही हिस्सा है, जहां से लोगों ने अमृतपाल सिंह को जिताकर सांसद बनाया है।”
उन्होंने बताया कि समर्थकों और बुद्धिजीवियों के दबाव के बाद पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए इस उपचुनाव में उतरने का फैसला किया है। तरसेम सिंह ने कहा कि फिलहाल उम्मीदवार के नाम पर फैसला नहीं हुआ है, लेकिन जल्द ही पार्टी सर्वसम्मति से उम्मीदवार के नाम की घोषणा करेगी और इलाके में चुनाव प्रचार भी शुरू किया जाएगा।
गौरतलब है कि तरनतारन की विधानसभा सीट आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक डॉ. कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद खाली हुई है। 66 वर्षीय डॉ. सोहल का 27 जून, 2025 को कैंसर के कारण अमृतसर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। वे 2022 में पहली बार विधायक चुने गए थे। नियमों के मुताबिक, अब इस सीट पर 6 महीने के भीतर उपचुनाव कराया जाना है। अमृतपाल की पार्टी के इस ऐलान के बाद तरनतारन का उपचुनाव बेहद दिलचस्प होने की संभावना है, जहां मुकाबला अब बहुकोणीय हो सकता है।
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Khalistan supporter Amritpal’s new political move








