चंडीगढ़: पंजाब को साफ-सुथरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार 29 अगस्त से अपने ‘मिशन क्लीन’ का दूसरा चरण (फेज-दो) शुरू करने जा रही है। 10 दिनों तक चलने वाले इस विशेष और व्यापक सफाई अभियान में पंजाब के सभी विधायक, नगर निगमों और नगर निकायों के प्रतिनिधि, आला अधिकारी और कई एनजीओ भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। पंजाब के लोकल बॉडी (स्थानीय निकाय) मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस बड़े अभियान की जानकारी देते हुए प्रदेश की जनता से भी इस मुहिम में भागीदार बनने की अपील की है।
ऐप पर भेजें गंदगी की फोटो, शिकायत पर होगा तुरंत एक्शन
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत बताते हुए कहा कि अब आम लोग भी सीधे तौर पर इस सफाई मुहिम से जुड़ सकेंगे। राज्य सरकार ने पंजाब ‘एम-सेवा’ (mSeva) ऐप की सुविधा शुरू की है, जिस पर लोग अपने आसपास फैली गंदगी या कूड़े के ढेर की फोटो खींचकर सीधे भेज सकते हैं। शिकायत मिलते ही सिस्टम द्वारा एक शिकायत आईडी (ID) जनरेट की जाएगी, जिसकी जानकारी शिकायतकर्ता को भी दी जाएगी। इसके बाद संबंधित विभाग उस इलाके की पूरी सफाई करवाकर नागरिक को सूचित करेगा।
खुले में कूड़ा फेंकने वाले स्थानों (GVPs) पर रहेगा खास फोकस
इस 10 दिवसीय विशेष अभियान के तहत सबसे ज्यादा फोकस उन स्थानों पर रहेगा, जहां लोग खुले में और बेतरतीब तरीके से कूड़ा फेंकते हैं। ऐसे स्थानों को गारबेज वल्नरेबल प्वाइंट्स (GVP) के रूप में चिन्हित किया गया है। इन जीवीपी पॉइंट्स पर कूड़े के ढेरों को पूरी तरह से हटाकर उस जगह की डीप क्लीनिंग (गहन सफाई) करवाई जाएगी, ताकि वहां दोबारा गंदगी न फैले और बीमारियों को रोका जा सके।
डीसी से लेकर ईओ तक उतरेंगे फील्ड में
‘मिशन क्लीन’ के दूसरे चरण को पूरी तरह से सफल बनाने के लिए सरकार ने प्रशासन को भी मोर्चे पर लगा दिया है। मंत्री ने साफ किया कि इस अभियान में दफ्तरों में बैठकर नहीं, बल्कि फील्ड में उतरकर काम होगा। सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नर (DC), नगर निगम कमिश्नर, कार्यकारी अधिकारी (EO) और सभी विधायक खुद मैदान में उतरेंगे। वे सभी अपने-अपने इलाकों में जाकर सफाई व्यवस्था का बारीकी से जायजा लेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि अभियान को जमीनी स्तर पर पूरी तरह प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।


Send photos of filth via the app, and the Punjab government will get it cleaned up




