चंडीगढ़: चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर के प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए बेहद सख्त कदम उठाया है। प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि कोई भी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों (पैरेंट्स) पर किसी एक तय दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव नहीं बना सकता। अगर किसी भी स्कूल ने इस नियम का उल्लंघन करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर देनी होगी पूरी लिस्ट
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले प्रशासन ने सभी स्कूलों को सख्त निर्देश दिया है कि वे किताबों और यूनिफॉर्म से जुड़ी पूरी जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट और स्कूल के नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से जारी करें। इस पारदर्शी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह है कि पैरेंट्स बिना किसी मजबूरी के शहर की किसी भी दुकान से अपने बच्चों के लिए अपनी सुविधानुसार किताबें और ड्रेस खरीद सकें। अगले महीने से शहर के 75 से अधिक प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने पहले ही यह मास्टरस्ट्रोक चल दिया है।
शिकायत मिलने पर 24 घंटे में एक्शन
कई स्कूलों ने नए सत्र की तैयारियां शुरू कर दी हैं और अक्सर इसी दौरान पैरेंट्स पर खास दुकानों से सामान खरीदने का दबाव बनाया जाता है। इसी लूट से अभिभावकों को बचाने के लिए प्रशासन ने यह अहम फैसला लिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अगर किसी अभिभावक की तरफ से इस संबंध में कोई शिकायत मिलती है, तो प्रशासन द्वारा 24 घंटे के भीतर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों पर न सिर्फ भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उनकी मान्यता भी हमेशा के लिए रद्द की जा सकती है।

Private schools are in trouble now! Strict orders from the administration








