चंडीगढ़: पंजाब रोडवेज और पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (PRTC) के हजारों कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के मामले में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच द्वारा कर्मचारियों को पक्के करने के दिए गए आदेशों पर अब डिवीजन बेंच ने फिलहाल रोक (स्टे) लगा दी है। अदालत ने इस संवेदनशील मामले में नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई के लिए 31 अगस्त 2026 की तारीख तय की है और तब तक संबंधित कर्मचारियों की सेवाओं को लेकर ‘स्थिति ज्यों की त्यों’ (स्टेटस को) बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।
सिंगल बेंच ने दिया था 6 हफ्तों में पक्के करने का अल्टीमेटम
दरअसल, बीते 22 अप्रैल 2026 को हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने कच्चे कर्मचारियों के हक में एक बड़ा फैसला सुनाया था। अदालत ने कर्मचारियों की याचिका को मंजूर करते हुए कॉर्पोरेशन को आदेश दिए थे कि 6 हफ्तों के भीतर इन कर्मचारियों को नियमित किया जाए। सिंगल बेंच ने अपने आदेश में यह भी साफ कर दिया था कि यदि तय समय के भीतर इस फैसले को लागू नहीं किया गया, तो उन कर्मचारियों को अपने-आप ही पक्का मान लिया जाएगा। इसी फैसले को PRTC द्वारा डिवीजन बेंच के समक्ष अपील दायर करके चुनौती दी गई थी।
अदालत में पहले से लंबित है ऐसा ही एक और मामला
डिवीजन बेंच के सामने हुई सुनवाई के दौरान PRTC की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकीलों ने दलील दी कि कच्चे कर्मचारियों को पक्के करने से जुड़ा बिल्कुल यही कानूनी सवाल हाई कोर्ट के सामने एक अन्य मामले में पहले से ही विचाराधीन है। उन्होंने बीते 21 मई 2026 के एक अंतरिम आदेश का हवाला देते हुए अदालत को बताया कि “पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन बनाम जसदीप सिंह और अन्य” मामले में भी यही मुख्य मुद्दा लंबित है।
अब 31 अगस्त को एक साथ होगी दोनों मामलों की सुनवाई
कॉर्पोरेशन के वकीलों ने अदालत को बताया कि जसदीप सिंह वाले केस की अगली सुनवाई भी 31 अगस्त 2026 के लिए निर्धारित की गई है। दोनों मामलों में एक जैसा कानूनी पेंच फंसा होने के कारण, डिवीजन बेंच ने मौजूदा केस की सुनवाई को भी 31 अगस्त तक टालने का फैसला किया। अदालत के इस ताजा रुख के बाद अब कच्चे रोडवेज कर्मचारियों को पक्के होने के लिए अगस्त के अंत तक का इंतजार करना होगा।

Major Blow to Contractual Employees of Punjab Roadways and PRTC from the High Court








