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दिल्ली कूच पर अड़े किसान, खनौरी बॉर्डर पर पुलिस ने कंक्रीट ब्लॉक और कंटीले तारों से रोका रास्ता; बीच सड़क पर डटे अन्नदाता

जींद: पंजाब से दिल्ली के जंतर-मंतर की ओर कूच कर रहे किसानों के जत्थे को एक बार फिर हरियाणा पुलिस ने खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर पर रोक दिया है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में 55 किसानों का यह जत्था अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण पदयात्रा पर निकला था, लेकिन बॉर्डर पर कंटीली तारों, कंक्रीट ब्लॉक और कंटेनरों की भारी बैरिकेडिंग ने उनका रास्ता रोक लिया है। पुलिस की इस सख्त घेराबंदी के बाद किसान वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए हैं और तनाव की स्थिति को देखते हुए फिलहाल जींद की उपायुक्त (DC) डॉ. वैशाली शर्मा के साथ उनकी अहम बैठक चल रही है।

शुभकरण सिंह की शहादत स्थल से उठाई मिट्टी
दिल्ली की तरफ कदम बढ़ाने से पहले किसानों के इस जत्थे ने 2024 के किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले युवा किसान शुभकरण सिंह को याद किया। किसानों ने उस स्थान से मिट्टी उठाई जहां शुभकरण की मौत हुई थी और उसे माथे पर लगाकर अपने संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इसके बाद 55 किसानों का यह समूह पूरे जोश के साथ दिल्ली की तरफ रवाना हुआ, लेकिन हरियाणा सीमा पर उन्हें भारी पुलिस बल का सामना करना पड़ा।

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट लें संज्ञान: डल्लेवाल
बॉर्डर पर रोके जाने के बाद किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने प्रशासन और सरकार पर कड़ा निशाना साधा है। उन्होंने दो टूक कहा कि इस बार रास्ता किसानों ने नहीं, बल्कि हरियाणा पुलिस ने रोका है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट को इस स्थिति का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। डल्लेवाल ने स्पष्ट किया कि किसानों की संख्या बहुत कम है और वे केवल दिल्ली जाकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि उनके पांच नेता पुलिस से बातचीत कर रहे हैं और अगर उन्हें आगे बढ़ने की इजाजत नहीं मिली, तो वे आज रात बॉर्डर पर ही अपना डेरा डालेंगे।

29 अगस्त को जंतर-मंतर पहुंचने का है लक्ष्य
किसान नेताओं ने अपनी इस ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ की पूरी रूपरेखा भी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस यात्रा में मुख्य रूप से एक किसान पैदल चलेगा, जबकि अन्य किसान उसके सहयोगी के रूप में उसका सामान उठाएंगे। यह जत्था रास्ते में अलग-अलग जगहों पर पड़ाव डालते हुए चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। किसानों का मुख्य लक्ष्य 29 अगस्त को हर हाल में दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचना है, जहां वे एक दिन की बड़ी किसान पंचायत आयोजित करेंगे। इसके बाद वे अपनी विभिन्न मांगों का एक विस्तृत मांग पत्र केंद्र सरकार को सौंपने का प्रयास करेंगे।

अमेरिका के साथ ट्रेड डील का मुखर विरोध
किसानों का स्पष्ट कहना है कि उनकी यह यात्रा पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगी। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) ने भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया कृषि व्यापार समझौते (ट्रेड डील) के मुखर विरोध में इस पदयात्रा का ऐलान किया था। किसानों का मानना है कि यह समझौता भारतीय कृषि और किसानों के हित में बिल्कुल नहीं है। इसी ट्रेड डील के विरोध की आवाज बुलंद करने और इसे सीधे केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए यह मार्च खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर से दिल्ली के लिए शुरू किया गया है।

Farmers remain adamant on marching to Delhi; police block the path at the Khanauri border with concrete blocks