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पंजाब में पेट्रोल पंप और ढाबा चलाना हुआ महंगा, PWD ने लागू किए सख्त नियम; अनदेखी की तो लगेगा 10 लाख का जुर्माना

चंडीगढ़: पंजाब में हाईवे और सड़कों के किनारे पेट्रोल पंप, होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट या मैरिज पैलेस जैसी कमर्शियल प्रॉपर्टी चलाने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। अब इन संपत्तियों के लिए सड़क से रास्ता (एक्सेस) लेना पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। पंजाब लोक निर्माण विभाग (PWD) ने वर्ष 2007 और 2019 के सभी पुराने नियमों को खत्म करते हुए एक बेहद सख्त ‘एक्सेस परमिशन’ नीति लागू कर दी है। इस नए कदम का सीधा मकसद सड़क किनारे होने वाली अवैध कटिंग और अनधिकृत एंट्री पर पूरी तरह से लगाम लगाना है, ताकि यातायात व्यवस्था को सुगम बनाया जा सके और हादसों पर काबू पाया जा सके।

सड़क की श्रेणी के आधार पर एकमुश्त जमा करनी होगी पांच साल की फीस
नई नीति के लागू होने के बाद अब पेट्रोल पंप संचालकों को सड़कों की श्रेणियों के हिसाब से पांच साल की लाइसेंस फीस एक साथ एडवांस में भरनी होगी। लोक निर्माण विभाग द्वारा तय की गई नई दरों के मुताबिक, स्टेट हाईवे के लिए 4.86 लाख रुपये की फीस निर्धारित की गई है। वहीं, मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड (MDR) के लिए 3.95 लाख रुपये और अन्य जिला सड़क या लिंक रोड के लिए 3.04 लाख रुपये बतौर पांच साल की फीस चुकाने होंगे। इसके साथ ही इन दरों में हर साल पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी का भी प्रावधान किया गया है। जब पांच साल बाद एनओसी (NOC) का नवीनीकरण होगा, तो उस समय लागू बढ़ी हुई दरों के अनुसार ही शुल्क वसूला जाएगा।

नॉन-रिफंडेबल प्रोसेसिंग फीस अनिवार्य, बिना एनओसी चलेगा 10 लाख का डंडा
नए नियमों में स्पष्ट किया गया है कि एनओसी जारी होते समय ही आवेदक को पूरे पांच साल की लाइसेंस फीस और लीज मनी का एकमुश्त भुगतान करना होगा। इसके अलावा आवेदन के साथ 10,000 रुपये की नॉन-रिफंडेबल प्रोसेसिंग फीस देना भी अनिवार्य कर दिया गया है। भुगतान की यह पूरी प्रक्रिया ‘जाइंट सेक्रेटरी, पंजाब रोड एंड ब्रिज डेवलपमेंट बोर्ड, चंडीगढ़’ के पक्ष में डिमांड ड्राफ्ट (DD) के माध्यम से पूरी की जाएगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि जिनके पास पहले से एनओसी है, उन्हें लीज खत्म होने के एक महीने के भीतर रिन्यूअल कराना होगा। बिना PWD की अनुमति या एनओसी के पेट्रोल पंप चलाने वालों पर 10 लाख रुपये तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि, हाल ही में नई सड़क श्रेणी में शामिल किए गए पंपों को राहत देते हुए एनओसी लेने के लिए 12 महीने की मोहलत दी गई है।

कटेगा बिजली कनेक्शन, नियमों में छूट के लिए चाहिए मंत्री की मंजूरी
आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए अब हर पेट्रोल पंप पर 24 घंटे साफ पीने का पानी और स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही सड़क से साफ दिखाई देने वाला साइनबोर्ड भी लगाना होगा। विभाग ने सख्ती दिखाते हुए कहा है कि अगर निरीक्षण में कोई भी कमी पाई गई और संचालक ने 30 दिन के भीतर उसमें सुधार नहीं किया, तो PWD सीधे बिजली बोर्ड को उस पेट्रोल पंप का कनेक्शन काटने की सिफारिश कर देगा। इसके अलावा, तकनीकी मानकों या लेआउट में किसी भी तरह की विशेष छूट देने का अधिकार किसी स्थानीय अधिकारी के पास नहीं होगा। ऐसे किसी भी मामले में सिर्फ PWD मंत्री की मंजूरी ही मान्य होगी। इसके साथ ही पंजाब सरकार ने सड़क किनारे कमर्शियल प्रॉपर्टी की एंट्री को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार की 26 जून 2020 की तकनीकी गाइडलाइंस को भी राज्यभर में लागू कर दिया है।

Operating petrol pumps and dhabas in Punjab has become costlier; the PWD has implemented