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अमृतसर में AAP पार्षद के घर फायरिंग मामले में बड़ा उलटफेर, पुलिस जांच में खुला ऐसा राज कि उड़ जाएंगे होश

अमृतसर: पंजाब के अमृतसर स्थित फैजपुरा इलाके में महिला पार्षद के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस सनसनीखेज वारदात को लेकर पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे थे, वह असल में एक सोची-समझी और रची गई गहरी साजिश निकली। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि इस पूरी खौफनाक वारदात का ताना-बाना खुद शिकायतकर्ता परिवार ने ही बुना था।

लव मैरिज की रंजिश का रचा गया था झूठा नाटक

दरअसल, 7 मार्च 2026 की आधी रात करीब 12:30 बजे थाना मजीठा रोड के तहत फैजपुरा चौकी इलाके में एक महिला पार्षद के घर के बाहर फायरिंग की सूचना मिली थी। इस मामले में पार्षद के पति इंदरजीत सिंह ने पुलिस को दी गई अपनी शुरुआती शिकायत में बताया था कि उनकी भांजी ने लव मैरिज की थी, जिसके चलते कुछ लोगों से उनकी पुरानी रंजिश चल रही है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया था कि उन्हीं विरोधी लोगों ने दहशत फैलाने की नीयत से उनके घर पर गोलियां चलाई हैं। इस घटना ने सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय राजनीति में भारी उबाल ला दिया था।

सीसीटीवी और पुलिस की तफ्तीश ने खोला असली राज

मामले की गंभीरता को देखते हुए अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कमान संभाली और गहराई से जांच शुरू की। पुलिस ने जब घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अन्य तकनीकी सबूतों को बारीकी से जोड़ा, तो कहानी बिल्कुल पलट गई। जांच में यह साफ हो गया कि किसी दुश्मन ने नहीं, बल्कि परिवार के ही कुछ सदस्यों ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर खुद इस पूरी फायरिंग की घटना को अंजाम दिलवाया था। इस रची गई झूठी साजिश का मुख्य मकसद लव मैरिज से जुड़े एक मामले में अदालत में चल रही कानूनी कार्रवाई को अपने पक्ष में प्रभावित करना और विरोधियों को झूठे केस में फंसाना था।

पांच आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद और एक फरार

इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने साजिश में शामिल पांच आरोपियों को धर दबोचा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान दानिश, प्रीतपाल सिंह, विषु, आकाश सोहता और मानव के रूप में हुई है, जबकि अखिल नाम का एक आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया है। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि जिस बेगुनाह व्यक्ति को इस झूठी साजिश के तहत फंसाया गया था, उसे जांच के बाद केस से कानूनी तौर पर डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। फिलहाल सभी पकड़े गए आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और इस मामले में आगे की गहन जांच की जा रही है।

A major twist in the firing incident at the house of a female councilor in Amritsar