
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कई सुधारों की घोषणा की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप, सीबीएसई ने छात्रों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ये बदलाव किए हैं।
सीबीएसई के नए नियम के अनुसार, यदि कोई छात्र 10वीं बोर्ड परीक्षा में विज्ञान, गणित या सामाजिक विज्ञान जैसे किसी मुख्य विषय में असफल हो जाता है, तो उस विषय को उसके द्वारा चुने गए छठे अतिरिक्त कौशल विषय से बदल दिया जाएगा। इसका मतलब है कि छात्र की मार्कशीट में उस मुख्य विषय के स्थान पर कौशल विषय के अंक जोड़े जाएंगे, जिससे उसे उत्तीर्ण घोषित किया जा सके।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनके कमजोर विषयों में असफलता के बोझ से बचाना और उन्हें कौशल आधारित शिक्षा की ओर प्रोत्साहित करना है। सीबीएसई ने 9वीं और 10वीं कक्षा के लिए 22 नए कौशल विषय जोड़े हैं। ये विषय छात्रों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक और तकनीकी कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करेंगे। इससे छात्रों को भविष्य के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।
सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्रों का परिणाम ‘बेस्ट ऑफ फाइव’ के आधार पर घोषित किया जाएगा। इसका अर्थ है कि यदि कोई छात्र विज्ञान, गणित या सामाजिक विज्ञान में से किसी एक विषय में फेल हो जाता है, तो उसके द्वारा चुने गए छठे अतिरिक्त कौशल विषय के अंकों को शामिल करके उसकी कुल प्रतिशतता की गणना की जाएगी। इस नियम से छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम होगा और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे सकेंगे।
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CBSE’s big decision, now students of board classes will not fail!








