फरीदकोट: कोटकपूरा रोड पर पांच दिन पहले फ्लिपकार्ट कंपनी के कर्मचारी को निशाना बनाकर की गई 4.25 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की गुत्थी को पुलिस ने पूरी तरह सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को धर दबोचा है। पुलिस तफ्तीश में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड कंपनी का ही एक डिलीवरी बॉय था, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर लूट का ताना-बाना बुना था। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से लूटी गई लगभग पूरी नकदी बरामद करने में सफलता हासिल की है।
बैंक में पैसे जमा कराने जा रहा था कर्मचारी, स्कूटर को टक्कर मारकर छीना बैग
पुलिस के अनुसार, घटना 21 अक्टूबर की है जब फ्लिपकार्ट का कर्मचारी विक्रमजीत सिंह रोजाना की तरह दफ्तर से एकत्र की गई 4.25 लाख रुपये की नकदी बैग में रखकर बैंक में जमा कराने जा रहा था। जैसे ही वह कोटकपूरा रोड पर दफ्तर से कुछ दूरी पर पहुंचा, मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने जानबूझकर उसके स्कूटर को जोरदार टक्कर मार दी। विक्रमजीत के सड़क पर गिरते ही बदमाश नकदी से भरा बैग झपटकर पलक झपकते ही फरार हो गए थे। दिनदहाड़े हुई इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था और फौरन नाकाबंदी कर अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
डिलीवरी बॉय ने दी थी मुखबिरी, सीआईए स्टाफ ने बिछाया जाल
एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस के दिशा-निर्देशों पर एसपी इन्वेस्टिगेशन नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में सीआईए स्टाफ और थाना सिटी पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान फरीदकोट निवासी बिक्रमजीत सिंह, गुरजोत सिंह और मनीष कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी गुरजोत सिंह उसी फ्लिपकार्ट कार्यालय में डिलीवरी बॉय का काम करता था। उसे कर्मचारी के बैंक जाने के समय और बैग में मौजूद भारी नकदी की पुख्ता जानकारी थी। गुरजोत ने ही अपने दो दोस्तों को टिप दी, जिसके बाद उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।
पहली बार जुर्म की दुनिया में रखा कदम, रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक जांच के मुताबिक तीनों आरोपियों का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल कर लिया गया है, ताकि वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और अन्य पहलुओं के बारे में गहन पूछताछ की जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आंतरिक कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कंपनियों को भी अपने स्तर पर सुरक्षा प्रोटोकॉल और कर्मचारियों के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन को कड़ा करना चाहिए।


Broad-daylight robbery of Rs 4.25 lakh from a Flipkart employee solved




