जालंधर: जालंधर नगर निगम में सफाई और सीवरेज व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने का विवाद गहरा गया है। महीनों से सैलरी में हो रही देरी से भड़के सीवरमैनों और निगम कर्मचारियों ने शुक्रवार को नगर निगम कमिश्नर सुरिंदर सिंह के कार्यालय का घेराव कर दिया। बड़ी संख्या में जुटे कर्मचारियों ने निगम प्रशासन की कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए दफ्तर के बाहर जमकर नारेबाजी और जोरदार प्रदर्शन किया।
ईमानदारी से ड्यूटी, फिर भी आर्थिक तंगी का सामना
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि वे शहर की सफाई और सीवरेज व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए दिन-रात ईमानदारी से अपनी सेवाएं देते हैं। इसके बावजूद हर महीने वेतन के लिए उन्हें सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ता है। समय पर मानदेय न मिलने के कारण मुलाजिमों के घरों का बजट पूरी तरह चरमरा गया है और कर्मचारियों के परिवारों को गंभीर आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है।
मांग पूरी न होने पर संघर्ष तेज करने का अल्टीमेटम
कमिश्नर कार्यालय के बाहर डटे कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में प्रशासन से अपनी लंबित सैलरी तुरंत जारी करने की मांग की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मेहनत की कमाई जल्द उनके खातों में नहीं डाली गई, तो वे काम बंद कर अपने संघर्ष को और अधिक आक्रामक बनाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
अधिकारियों ने की बातचीत, समाधान का इंतजार
कमिश्नर सुरिंदर सिंह के दफ्तर का घेराव होने और माहौल गरमाने के बाद निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी कर्मचारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने मुलाजिमों को शांत कराते हुए उनकी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि निगम प्रशासन इस वित्तीय खींचतान को खत्म कर कर्मचारियों का बकाया वेतन कब तक जारी करता है।


Anger erupts at the Jalandhar Municipal Corporation over non-payment of salaries




