टोरंटो: सुनहरे भविष्य का सपना लेकर कनाडा जाने वाले भारतीय छात्रों को लेकर एक बेहद ही चौंकाने वाली खबर सामने आई है। कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) की एक सीक्रेट इंटेलिजेंस रिपोर्ट में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग अपने खौफनाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए कनाडा के इंटरनेशनल स्टूडेंट वीजा और वर्क परमिट प्रोग्राम का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग कर रहा है। ‘द बिश्नोई गैंग: एन इमर्जिंग थ्रेट इन कनाडा’ नाम की इस खुफिया रिपोर्ट से पता चला है कि कैसे यह गैंग आर्थिक तंगी और बेरोजगारी से जूझ रहे मासूम छात्रों को पैसों का लालच देकर उन्हें खूंखार अपराधी और अपने गैंग का भाड़े का शूटर बना रहा है।
बिजनेसमैन से करोड़ों की फिरौती और दहशत का खेल
कनाडाई खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, बिश्नोई गैंग ने कनाडा में बसे भारतीय और दक्षिण एशियाई मूल के कारोबारियों को अपनी जबरन वसूली का मुख्य निशाना बनाया है। इस गैंग के गुर्गे व्हाट्सएप कॉल के जरिए कारोबारियों से करोड़ों डॉलर की रंगदारी मांगते हैं और पैसे न देने पर उनके घरों, दुकानों या रेस्तरां पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत फैलाते हैं। लोगों के बीच खौफ कायम करने के लिए ये गुर्गे फायरिंग का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी अपलोड करते हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जून 2023 में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद बिश्नोई गैंग का दुस्साहस काफी बढ़ गया, और इसी गैंग ने सितंबर 2023 में विन्निपेग में वांटेड सुक्खा दुनेके की हत्या की जिम्मेदारी भी ली थी।
गोल्डी बराड़ ने बिछाया था छात्रों को फंसाने का खतरनाक जाल
इस रिपोर्ट का दावा है कि मासूम छात्रों को अपराध के इस दलदल में धकेलने की पूरी साजिश का मास्टरमाइंड लॉरेंस बिश्नोई का सबसे खास और खूंखार गैंगस्टर गोल्डी बराड़ है। सबसे हैरानी की बात यह है कि खुद गोल्डी बराड़ भी साल 2017 में स्टूडेंट वीजा पर ही पढ़ाई का बहाना बनाकर कनाडा में दाखिल हुआ था। वहां पहुंचकर उसने एडमॉन्टन और ब्रैम्पटन जैसे इलाकों से ऐसे भारतीय छात्रों की पहचान कर उन्हें गैंग में शामिल करना शुरू किया, जो पैसों की भारी किल्लत का सामना कर रहे थे। बता दें कि गोल्डी बराड़ को अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने अपनी मोस्ट-वांटेड लिस्ट में रखा है और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार डॉलर का भारी-भरकम इनाम भी घोषित किया हुआ है।
मशहूर सिंगर एपी ढिल्लों के घर फायरिंग करने वाला भी था एक छात्र
रिपोर्ट में इस गैंग के काम करने के तरीके को समझाते हुए अभिजीत किंगरा नाम के एक युवक की पूरी केस स्टडी दी गई है। किंगरा 2018 में पढ़ाई करने के लिए स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गया था, लेकिन अपनी आर्थिक तंगी के चलते वह बिश्नोई गैंग के चंगुल में फंसकर उनका शूटर बन गया। किंगरा ने ही महज 4,000 कनाडाई डॉलर के लालच में आकर सितंबर 2024 में ब्रिटिश कोलंबिया में मशहूर पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के घर पर 14 राउंड गोलियां बरसाई थीं, जबकि उसके एक साथी ने बाहर खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था।
भारतीय छात्रों के खिलाफ दर्ज अपराधों के डराने वाले आंकड़े
इस कनाडाई खुफिया आकलन ने जो चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं, वह भारत में बैठे अभिभावकों की चिंता बढ़ाने के लिए काफी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2016 से लेकर 2024 के बीच स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गए भारतीयों द्वारा किए गए अपराधों में बेतहाशा इजाफा हुआ है। साल 2019 से 2023 के बीच लगभग 4,000 भारतीय छात्रों पर कुल 17,929 आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 4,920 मामले गंभीर और संगठित अपराधों की श्रेणी के थे। इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अकेले 2024 में ही स्टडी वीजा पर कनाडा में रह रहे भारतीय नागरिकों के खिलाफ 13,040 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।


How is the Lawrence Bishnoi gang turning students bound for Canada into shooters




