You are currently viewing अमृतपाल के खिलाफ गवाह पर चली गोलियां, बाल-बाल बची जान; जानें फायरिंग की इस खौफनाक घटना का पूरा सच

अमृतपाल के खिलाफ गवाह पर चली गोलियां, बाल-बाल बची जान; जानें फायरिंग की इस खौफनाक घटना का पूरा सच

मोरिंडा: पंजाब के खडूर साहिब से सांसद और असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद कट्टरपंथी नेता अमृतपाल सिंह के मामले में एक बड़ी खबर सामने आई है। बहुचर्चित अजनाला केस में अमृतपाल के खिलाफ शिकायतकर्ता और मुख्य गवाह बने एक व्यक्ति पर आधी रात को अचानक गोलियां चल गईं। इस खौफनाक घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। हालांकि, गनीमत यह रही कि गवाह इस हमले में बाल-बाल बच गया। घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर इसे सीधे तौर पर अमृतपाल केस से जोड़कर देखा जाने लगा, लेकिन पुलिस की शुरुआती जांच में जो कहानी निकलकर सामने आई है, उसने पूरे मामले में एक नया ही मोड़ ला दिया है।

शराब के नशे में ‘रोड रेज’ का मामला, आरोपी गिरफ्तार
रूपनगर के एसएसपी मनिंदर सिंह ने इस पूरी घटना से पर्दा उठाते हुए बताया कि यह फायरिंग किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा नहीं, बल्कि रोड रेज का नतीजा थी। पुलिस के मुताबिक, सलेमपुर गांव के रहने वाले वरिंदर सिंह मावी (जिन्होंने अमृतपाल के खिलाफ अजनाला केस में शिकायत दर्ज कराई थी) ने रात करीब 2 बजे पुलिस को कंट्रोल रूम में फोन कर अपने ऊपर फायरिंग होने की सूचना दी। पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। जांच में पता चला कि समरोली गांव के जसबीर सिंह उर्फ काला ने शराब के भयंकर नशे में मावी के साथ विवाद किया था। नशे में धुत आरोपी जसबीर ने हवा में गोलियां चलाईं, मावी की गाड़ी का उनके गांव तक पीछा किया और उनके साथियों को धमकियां दीं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा है।

सोशल मीडिया की अफवाहों को पुलिस ने किया खारिज
इस घटना को लेकर सदर मोरिंडा पुलिस स्टेशन में आरोपी जसबीर सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एसएसपी ने साफ किया कि इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ है। दूसरी तरफ, घटना की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जाने लगे। लोगों ने अफवाह उड़ाई कि अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने गवाह को डराने और धमकाने के लिए यह जानलेवा हमला करवाया है। हालांकि, पुलिस ने इन तमाम दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि अब तक की जांच में यह विशुद्ध रूप से एक रोड रेज का मामला है और वर्तमान में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जो इसे गवाह की भूमिका या किसी बड़ी साजिश से जोड़ता हो।

गवाहों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे गंभीर सवाल
पुलिस भले ही इसे रोड रेज की घटना बता रही हो, लेकिन इस वारदात ने गवाहों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमृतपाल सिंह से जुड़े मामलों में शिकायतकर्ताओं और गवाहों का पक्ष रख रहे वकील परमिंदर सिंह विग ने इस घटना पर गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि अदालत द्वारा ‘विटनेस प्रोटेक्शन एक्ट’ के तहत सुरक्षा के सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद मुख्य गवाहों को लगातार धमकियों और खौफ का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील मामलों से जुड़े गवाहों की सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत कड़ा किया जाए। फिलहाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं और लोगों से बिना पुष्टि वाली सोशल मीडिया पोस्ट्स पर विश्वास न करने की अपील की है।

Shots fired at witness against Amritpal; narrowly escapes death; know the full truth