You are currently viewing US Citizenship: अमेरिका में ट्रंप सरकार का बड़ा एक्शन, जानें कैसे छिनने वाली है पंजाब के नरेंद्र समेत 25 लोगों की नागरिकता

US Citizenship: अमेरिका में ट्रंप सरकार का बड़ा एक्शन, जानें कैसे छिनने वाली है पंजाब के नरेंद्र समेत 25 लोगों की नागरिकता

वाशिंगटन: अमेरिका में बसने का सपना देखने वाले और धोखाधड़ी से वहां की नागरिकता हासिल करने वाले प्रवासियों पर ट्रंप प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा कानूनी चाबुक चलाया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने अपनी असली पहचान छिपाकर और फर्जी दस्तावेजों के सहारे नागरिकता पाने वाले 25 लोगों के खिलाफ नागरिकता रद्द करने का ट्रायल शुरू कर दिया है। अमेरिका के इतिहास में यह पहला मौका है जब इतने बड़े स्तर पर एक साथ प्रवासियों के खिलाफ यह सख्त कदम उठाया गया है। इस ऐतिहासिक कार्रवाई में सबसे ज्यादा चर्चा भारतीय मूल के 65 वर्षीय नरेंद्र सिंह की हो रही है, जिन पर अमेरिकी सरकार को लंबे समय तक धोखे में रखने का गंभीर आरोप लगा है।

दोहरी पहचान से हासिल किया था ग्रीन कार्ड

भारतीय पंजाब से संबंध रखने वाले नरेंद्र सिंह पर डेलावेयर जिले की संघीय अदालत में मुकदमा दर्ज किया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, नरेंद्र पहली बार साल 1962 में अमेरिका आए थे। आरोप है कि उन्होंने अमेरिका में एंट्री पाने और नागरिकता हासिल करने के लिए दोहरी पहचान का इस्तेमाल किया और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। उन्होंने अपनी पहली डिपोर्टेशन (देश से निकाले जाने) की कार्रवाई को छिपाकर एक नई पहचान बनाई और साल 2008 में धोखाधड़ी से ग्रीन कार्ड हासिल कर लिया। इसी फर्जीवाड़े के चलते अब न्याय विभाग ने उनके खिलाफ सात बड़े आरोप तय किए हैं।

इतिहास की सबसे बड़ी डिपोर्टेशन प्रक्रिया

ट्रंप प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस सख्त कार्रवाई को अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी डिपोर्टेशन प्रक्रिया माना जा रहा है। अदालत में ट्रायल पूरा होने के बाद इन सभी 25 प्रवासियों की नागरिकता रद्द कर उन्हें देश से डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस लिस्ट में भारतीय पंजाब के नरेंद्र सिंह के अलावा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रहने वाले दो अन्य लोग और कई अन्य देशों के नागरिक भी शामिल हैं। अमेरिकी न्याय विभाग के सिविल डिवीजन ने 20 जुलाई से 3 अगस्त के बीच देश भर की अलग-अलग संघीय अदालतों में ये सभी मुकदमे दायर किए हैं।

हत्या के प्रयास और यौन शोषण जैसे गंभीर मामले

अमेरिकी न्याय विभाग की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, इन प्रवासियों पर केवल वीजा जालसाजी ही नहीं, बल्कि इरादतन हत्या और बच्चों के यौन शोषण जैसे बेहद घिनौने और गंभीर आपराधिक आरोप भी दर्ज हैं। इन लोगों ने अमेरिकी नागरिकता हासिल करते समय न सिर्फ अपने फर्जी दस्तावेज पेश किए, बल्कि अपने आपराधिक इतिहास को भी आव्रजन विभाग से पूरी तरह गुप्त रखा। अमेरिकी कानून के प्रावधानों के मुताबिक, अगर नागरिकता मिलने के सालों बाद भी किसी व्यक्ति के पुराने अपराध या धोखाधड़ी का खुलासा होता है, तो अदालत के जरिए उसकी नागरिकता छीनकर उसे हमेशा के लिए अमेरिका से डिपोर्ट किया जा सकता है।

US Citizenship: Major move by the Trump administration; find out how 25 people