न्यूजीलैंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए अपनी सरकार द्वारा सिख समुदाय और उनकी धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों को रेखांकित किया। पीएम ने तीर्थयात्रा को सुगम बनाने, सिख परंपराओं को सहेजने और समुदाय की विभिन्न समस्याओं को सुलझाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता और प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की।
अफगानिस्तान संकट और गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप
अफगानिस्तान संकट का विशेष रूप से जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूपों को पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ सुरक्षित भारत लाया जाए। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “हमारे महान सिख गुरुओं ने मानवता को सेवा, साहस, समानता और करुणा का अनमोल संदेश दिया है। दुनियाभर के गुरुद्वारे निस्वार्थ सेवा के सबसे बड़े केंद्र बन गए हैं, जहां कोई भूखा नहीं रहता और संकट में फंसे लोगों को हमेशा सहारा मिलता है।”
स्वर्ण मंदिर के लिए FCRA नियमों में राहत और हेमकुंड साहिब रोपवे
प्रधानमंत्री ने बताया कि सिख समुदाय ने सरकार को स्वर्ण मंदिर (दरबार साहिब) में सेवा कार्यों में आ रही विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) से जुड़ी दिक्कतों के बारे में बताया था। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पीएम ने कहा, “हमने तुरंत इस मुद्दे का समाधान निकाला।” इसके अलावा, सिख तीर्थस्थलों तक पहुंच को और सुगम बनाने के प्रयासों की जानकारी देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकार हेमकुंड साहिब तक एक भव्य रोपवे का निर्माण कर रही है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से हिमालय की कठिन तीर्थयात्रा, विशेषकर बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए काफी आसान हो जाएगी।
‘वीर बाल दिवस’ और साहिबजादों के बलिदान को नमन
पीएम मोदी ने गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों के सर्वोच्च बलिदान की याद में हर साल 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाने के सरकार के ऐतिहासिक फैसले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से देशभर के बच्चों को साहिबजादों और माता गुजरी के अदम्य साहस व बलिदान के बारे में जानने और प्रेरणा लेने का मौका मिला है।
पटना साहिब में स्थापित हुए गुरु गोबिंद सिंह जी के पवित्र ‘जोड़े साहिब’
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने गुरु गोबिंद सिंह जी से जुड़ी पवित्र निशानी ‘जोड़े साहिब’ की यात्रा की भी भावुक कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के परिवार ने विभाजन के दौरान इन निशानियों को सुरक्षित दिल्ली लाने के बाद करीब 300 वर्षों तक इन्हें सहेज कर रखा। सिख विद्वानों और धार्मिक विशेषज्ञों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद, सरकार ने इन पवित्र निशानियों को गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्मस्थान ‘तख्त श्री पटना साहिब’ में स्थापित करने का फैसला किया है, जहां अब दुनियाभर के श्रद्धालु इनके दर्शन कर सकते हैं। प्रवासियों को भारत यात्रा के दौरान इस पवित्र स्थल के दर्शन करने का न्योता देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पटना साहिब में इन पवित्र निशानियों की स्थापना का प्रत्यक्ष साक्षी बनना उनके जीवन का एक बड़ा सौभाग्य रहा है।


PM Modi highlights government’s major initiatives for Sikhs while in New Zealand.








