जालंधर: जालंधर के शाहकोट इलाके के गांव कनियां कलां में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पंजाब पुलिस के 68 वर्षीय रिटायर्ड इंस्पेक्टर हरभजन सिंह ने मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर जहरीला पदार्थ निगल कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस को उनके पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम और कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। मृतक की पत्नी का आरोप है कि उनके बेटे और बहू के बीच न्यूजीलैंड में चल रहे विवाद के कारण लड़की वालों ने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर इस कदर डराया-धमकाया कि उन्होंने मौत को गले लगाना ही बेहतर समझा।
शादी के 18 दिन बाद ही शुरू हो गया था क्लेश
मृतक हरभजन सिंह की पत्नी कुलवंत कौर ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि पुलिस विभाग से रिटायर होने के बाद उनके पति गांव में खेतीबाड़ी संभाल रहे थे। उनके बेटे अमरप्रीत सिंह की शादी 5 मई 2025 को गुरदासपुर के गांव पनियार की रहने वाली नवदीप कौर के साथ हुई थी। शादी के महज 18 दिन बाद दोनों न्यूजीलैंड चले गए थे, लेकिन वहां पहुंचते ही उनके बीच भयंकर झगड़े शुरू हो गए। बात इतनी बिगड़ गई कि अमरप्रीत ने न्यूजीलैंड की ही एक अदालत में तलाक का मुकदमा दायर कर दिया, जो फिलहाल विचाराधीन है। आरोप है कि इसी तलाक के केस से बौखलाए लड़की पक्ष ने बदला लेने की साजिश रची।
पूरे परिवार पर दर्ज कराया झूठा केस, मिलती रहीं धमकियां
अपनी बहू नवदीप कौर और उसके पिता रछपाल सिंह पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कुलवंत कौर ने बताया कि इन लोगों ने उनके पूरे परिवार को मानसिक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया। लड़की पक्ष ने सुनियोजित तरीके से बटाला सिटी थाने में रिटायर्ड इंस्पेक्टर हरभजन सिंह, उनके बेटे, दोनों बेटियों और दामाद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करवा दिया। इसी मुकद्दमे और बेइज्जती के डर से हरभजन सिंह गहरे तनाव में रहने लगे थे। कुलवंत कौर के मुताबिक, वे दोनों 10 जून 2026 को ही न्यूजीलैंड से भारत लौटे थे, लेकिन यहां आने के बाद भी आरोपियों द्वारा लगातार धमकियां दी जा रही थीं।
जहर खाने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस की छापेमारी जारी
लगातार मिल रही धमकियों और अपनी इज्जत तार-तार होने के डर से हरभजन सिंह ने 14 जून की शाम करीब 5 बजे जहर खा लिया। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत जालंधर के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एसएचओ दिलबाग सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस की टीमें आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं, लेकिन अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।


Retired Punjab Police Inspector defeated by daughter-in-law’s false cases and threats








