मोहाली: पंजाब के मोहाली जिले से सटे जीरकपुर में प्लॉट बेचने के नाम पर एक बिल्डर के साथ 90 लाख रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने न केवल प्लॉट के एवज में लाखों रुपये ऐंठ लिए, बल्कि पीड़ित से उसी जमीन पर करोड़ों रुपये का निर्माण भी करवा लिया। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में मोहाली एसएसपी को दी गई शिकायत और गहन जांच रिपोर्ट के आधार पर जीरकपुर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
फ्लैट बनाने के लिए जमीन की तलाश में बिछाया गया जाल
यह पूरी ठगी जीरकपुर की हेजलवुड सोसाइटी में रहने वाले राकेश नंदा के साथ हुई है। पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में राकेश नंदा ने बताया कि वह फ्लैट बनाने के लिए एक उपयुक्त जमीन की तलाश कर रहे थे। इसी खोजबीन के दौरान उनकी मुलाकात विनय गर्ग नाम के एक प्रॉपर्टी डीलर से हुई। विनय ने उन्हें अनिल कुमार नाम के व्यक्ति से मिलवाया, जिसने बड़ी ही चालाकी से उन्हें नाभा (जीरकपुर) के दशमेश नगर स्थित प्लॉट नंबर 46 और 47 दिखाए। इन दोनों प्लॉटों का असली मालिकाना हक संजना शर्मा और रमन कुमार के नाम पर बताया गया था।
खातों में ट्रांसफर किए लाखों रुपये, 35 लाख कैश भी दिया
शिकायतकर्ता राकेश नंदा के मुताबिक, काफी बातचीत के बाद इन दोनों प्लॉटों का सौदा लगभग 90 लाख रुपये में तय हो गया था। सौदे की शर्तों के अनुसार, उन्होंने संजना शर्मा के बैंक खाते में 15 लाख, रमन कुमार के खाते में 10 लाख और अनिल कुमार के खाते में 30 लाख रुपये अलग-अलग तारीखों पर ट्रांसफर किए। बात यहीं खत्म नहीं हुई, इस भारी-भरकम ऑनलाइन पेमेंट के अलावा आरोपियों को लगभग 35 लाख रुपये नकद भी दिए गए।
पावर ऑफ अटॉर्नी का खेल और 1.5 करोड़ का निर्माण
पूरी रकम ऐंठने के बाद आरोपियों ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। जब भी पीड़ित ने रजिस्ट्री करवाने की बात कही, तो आरोपी कोई न कोई नया बहाना बनाकर उन्हें लगातार टालते रहे। साजिश के तहत, आरोपियों ने राकेश नंदा को प्लॉट की पावर ऑफ अटॉर्नी थमा दी और उन्हें विश्वास में लेकर उस जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करने को कह दिया। पीड़ित ने भी उनकी बातों में आकर उस जमीन पर करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च करके भारी-भरकम निर्माण करवा लिया, लेकिन आरोपियों ने फिर भी प्लॉट की पक्की रजिस्ट्री नहीं करवाई।
झूठे वादों का पर्दाफाश, पुलिस ने कसा शिकंजा
काफी समय बीत जाने के बाद जब पीड़ित को अपने साथ हुई इस भारी ठगी का अहसास हुआ, तो दबाव बढ़ने पर एक आपसी समझौता भी हुआ। आरोपियों ने कुछ रकम लौटाने और जल्द ही रजिस्ट्री करवाने का झूठा आश्वासन दिया, लेकिन हमेशा की तरह ये वादे भी हवा-हवाई ही साबित हुए। जब मोहाली पुलिस ने इस पूरे मामले की गहन जांच की, तो पाया कि आरोपियों ने प्लॉट बेचने के नाम पर शिकायतकर्ता से एक बहुत बड़ी रकम तो वसूल ली, लेकिन जानबूझकर रजिस्ट्री नहीं करवाई। जांच पूरी होने के बाद अब पुलिस ने आरोपी संजना शर्मा और रमन कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

A plot was allegedly defrauded of 90 lakh rupees, and the builder constructed flats








