
मुंबई: जीएसटी में कटौती के बाद आम आदमी को एक और बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जग गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस हफ्ते अपनी मौद्रिक नीति बैठक में एक अप्रत्याशित ‘सरप्राइज रेट कट’ का ऐलान कर सकता है। अगर ऐसा होता है, तो आने वाले दिनों में आपके होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई (EMI) का बोझ कम हो सकता है।
आरबीआई की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक बुधवार, 1 अक्टूबर को समाप्त हो रही है। ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि आरबीआई रेपो रेट को 5.50% पर स्थिर रखेगा। हालांकि, सिटी, बार्कलेज और एसबीआई जैसी बड़ी वित्तीय संस्थाओं का मानना है कि कमजोर निवेश, अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापारिक तनाव और काबू में चल रही महंगाई को देखते हुए आरबीआई अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती का फैसला ले सकता है।

एक रॉयटर्स पोल के अनुसार, लगभग तीन-चौथाई अर्थशास्त्री दरों में कोई बदलाव न होने की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन मौजूदा आर्थिक हालात ने कटौती की संभावना को काफी बढ़ा दिया है।
इस साल आरबीआई द्वारा दरों में 100 बेसिस प्वाइंट (1%) की कटौती के बावजूद निजी निवेश में कोई खास तेजी नहीं आई है। अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यातों पर 50% टैरिफ लगाने और वीजा फीस बढ़ाने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। महंगाई दर का नरम रहना आरबीआई को यह मौका देता है कि वह ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरें घटाए।
कैपिटल इकोनॉमिक्स के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ से जीडीपी ग्रोथ को झटका लग सकता है। ऐसे में RBI एक बार फिर से रेट कट का चक्र शुरू कर सकता है।” संस्था ने अनुमान जताया है कि आरबीआई इसी हफ्ते दरों में कटौती कर सकता है और दिसंबर में एक और कटौती संभव है।
सरकार ने अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए हाल ही में आयकर राहत और जीएसटी दरों में कटौती जैसे कदम उठाए हैं। जून तिमाही में भारत की विकास दर 7.8% रही, जो उम्मीद से बेहतर थी, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा महंगाई समायोजन के बाद वास्तविक मजबूती को नहीं दर्शाता है। अब सभी की निगाहें बुधवार को होने वाले आरबीआई के फैसले पर टिकी हैं, जो देश के करोड़ों कर्जधारकों के लिए बड़ी खबर ला सकता है।
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