गिद्दड़बाहा: मुक्तसर जिले के गिद्दड़बाहा में नगर कौंसिल चुनाव के मद्देनजर सियासी पारा अचानक गरमा गया है। यहां निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बाद भी कथित रूप से चुनाव प्रचार जारी रखने के मामले में पंजाब कांग्रेस कमेटी के प्रधान और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग कानूनी मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। इस मामले में संज्ञान लेते हुए रिटर्निंग अफसर (RO) सह एसडीएम कार्यालय की ओर से राजा वड़िंग को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद से कांग्रेस खेमे और स्थानीय राजनीति में भारी खलबली मच गई है।
शाम 5 बजे के बाद भी चुनावी गतिविधियां जारी रखने का आरोप
जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने यह सख्त कार्रवाई चुनाव आचार संहिता के नियमों और तय समय सीमा के उल्लंघन को लेकर की है। नियमों के मुताबिक चुनाव प्रचार थमने के लिए शाम 5 बजे का समय निर्धारित किया गया था, जिसके बाद किसी भी तरह के प्रचार या चुनावी एक्टिविटी पर पूरी तरह से पाबंदी थी। आरोप है कि इस तय समय के समाप्त होने के बावजूद राजा वड़िंग ने गिदड़बाहा क्षेत्र में अपनी चुनावी गतिविधियां और जनसंपर्क जारी रखा, जो कि सीधे तौर पर आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है।
मीडिया प्रभारी बोलीं- नोटिस सिर्फ खबरों में सुना, मिलने पर देंगे जवाब
दूसरी ओर, इस पूरे विवाद पर राजा वड़िंग के खेमे की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। वड़िंग की मीडिया प्रभारी आयुषि ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि अभी तक उन्हें या सांसद कार्यालय को प्रशासन की तरफ से किसी भी प्रकार का कोई आधिकारिक नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी इस नोटिस के बारे में सिर्फ मीडिया और खबरों के माध्यम से ही सुना है। आयुषि ने स्पष्ट किया कि जैसे ही उन्हें कोई लिखित या आधिकारिक नोटिस मिलता है, पार्टी और राजा वड़िंग नियमानुसार अपना पक्ष पूरी तरह से स्पष्ट करेंगे।
वीडियो फुटेज खंगाल रहा प्रशासन, चुनाव आयोग करेगा अंतिम फैसला
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद चुनाव अधिकारी और प्रशासन की टीमें पूरे घटनाक्रम की वीडियो फुटेज, सीसीटीवी और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड्स को बारीकी से खंगाल रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि तय समय के बाद नियमों के उल्लंघन और आचार संहिता की धज्जियां उड़ाने की पुष्टि होती है, तो पूरी रिपोर्ट तैयार कर अंतिम और कड़ी कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग को भेजी जाएगी।

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