You are currently viewing LPU में उपद्रव की आड़ में 14 करोड़ रुपए की लूट, 300 लैपटॉप और 118 आईफोन ले उड़े उपद्रवी, ट्रॉली में भरकर आए थे 200 बाहरी युवक

LPU में उपद्रव की आड़ में 14 करोड़ रुपए की लूट, 300 लैपटॉप और 118 आईफोन ले उड़े उपद्रवी, ट्रॉली में भरकर आए थे 200 बाहरी युवक

फगवाड़ा: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में बीते दिनों हुए हिंसक प्रदर्शन और हंगामे की आड़ में जालंधर और स्थानीय उपद्रवियों के दो गुटों द्वारा की गई सुनियोजित लूटपाट और तोड़फोड़ का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यूनिवर्सिटी के यूनिमॉल में स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक्स शॉप से उपद्रवी भारी तादाद में महंगे गैजेट्स लूटकर फरार हो गए। पीड़ित दुकानदार के अनुसार, उसकी दुकान से करीब 300 लैपटॉप और आईफोन-17 सीरीज के 118 स्मार्टफोन समेत लगभग ₹14 करोड़ का कीमती सामान लूट लिया गया है।

ट्रॉली में भरकर पहुंचे 200 बाहरी तत्व, छात्राओं में फैली दहशत
परिसर में मौजूद छात्रों के अनुसार, प्रदर्शन की आड़ में करतारपुर और यूनिवर्सिटी के लॉ गेट से सटे इलाकों के बाहरी युवकों के दो गुट कैंपस में दाखिल हुए थे। प्रत्यक्षदर्शी छात्राओं ने बताया कि बाहर से करीब 200 उपद्रवी ट्रॉलियों में भरकर कैंपस के अंदर घुसे, जिसके बाद माहौल बेहद खौफनाक हो गया और छात्राओं में भारी दहशत फैल गई। भीड़ ने कैंपस में जमकर तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट मचाई।

दुकान में नहीं बचा ₹50 हजार से कम का भी सामान, मैनेजमेंट को सौंपी पहचान
यूनिमॉल में लैपटॉप व मोबाइल की दुकान चलाने वाले पीड़ित व्यापारी ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि शनिवार को मचे बवाल का फायदा उठाकर लॉ गेट के पास रहने वाले लड़कों ने उसकी दुकान पर धावा बोल दिया। उपद्रवी दुकान में रखे सभी प्रीमियम 300 लैपटॉप और 118 आईफोन ले उड़े। दुकानदार के मुताबिक, दुकान में कोई भी लैपटॉप ऐसा नहीं था जिसकी कीमत ₹50,000 से कम रही हो। पीड़ित ने बताया कि जान के खतरे के चलते उसने संदिग्ध लड़कों के नाम और पहचान यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट को सौंप दिए हैं, ताकि मॉल प्रशासन के जरिए पुलिस में कड़ी कानूनी कार्रवाई कराई जा सके।

10 दिन की छुट्टी के बाद कैंपस खाली, विवाद की असल जड़ पर अब भी सन्नाटा
शनिवार देर रात से शुरू हुआ हिंसक बवाल सोमवार को जाकर शांत हुआ, जिसके बाद एहतियातन यूनिवर्सिटी में 10 दिनों की छुट्टी घोषित कर दी गई है और छात्र अपने घरों को लौट रहे हैं। पुलिस बल अभी भी एलपीयू के मुख्य गेटों पर तैनात है। हैरान करने वाली बात यह है कि तीन दिन बीत जाने के बाद भी न तो पुलिस और न ही यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट उस वायरल मैसेज के स्रोत तक पहुंच पाया है जिससे यह पूरा विवाद भड़का था। वहीं जिस छात्रा के लिए ‘जस्टिस’ की मांग को लेकर छात्र सड़क पर उतरे थे, उसके संबंध में भी स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं की गई है। छात्रों का कहना है कि मैनेजमेंट के प्रति लंबे समय से पनप रहे गुस्से और शुरुआत में पुलिस-प्रशासन द्वारा बरती गई ढिलाई का फायदा सीधे तौर पर असामाजिक तत्वों ने उठाया।

Rs 14 crore looted amidst the chaos at LPU; rioters made off with 300 laptops and 118 iPhones, with 200 outsiders arriving