लुधियाना: पंजाब में भीषण गर्मी के इस सीजन के बीच एक बेहद बड़ा और खतरनाक संकट खड़ा होने जा रहा है। अपनी जान हथेली पर रखकर दूसरों की जान-माल की रक्षा करने वाले पंजाब भर के आउटसोर्स फायर कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 21 मई से अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर जाने का बड़ा ऐलान कर दिया है। इस फैसले के बाद प्रदेश भर में आग बुझाने का काम पूरी तरह से ठप होने का खतरा मंडराने लगा है।
कामकाज ठप कर सीएम के दफ्तर के बाहर लगेगा पक्का मोर्चा
फायर ब्रिगेड आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन, पंजाब ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि राज्य भर के सभी आउटसोर्स कर्मचारी अपना कामकाज पूरी तरह से बंद करके धूरी पहुंचेंगे। ये सभी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धूरी में मुख्यमंत्री भगवंत मान के दफ्तर के बाहर अनिश्चितकाल के लिए पक्का मोर्चा लगाकर बैठेंगे और सरकार के खिलाफ विशाल धरना देंगे। इसके साथ ही प्रदर्शनकारी भारी संख्या में एकजुट होकर कक्कड़वाल चौक पर भी अपना पक्का मोर्चा लगाएंगे।
‘दूसरों के घर बचाने वालों को सरकार के आगे पड़ रहा गिड़गिड़ाना’
कर्मचारियों के इस बड़े आंदोलन को लेकर यूनियन के नेताओं ने पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर जमकर निशाना साधा है। उनका कहना है कि फायर कर्मी अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों के घरों और फैक्ट्रियों को आग की भयानक लपटों से बचाने का काम करते हैं, लेकिन विडंबना देखिए कि आज उन्हें ही अपनी जायज मांगों को मनवाने के लिए सरकार के सामने गिड़गिड़ाना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि राज्य सरकार की लगातार अनदेखी के चलते आज उनके बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है, जिसके चलते उन्हें मजबूरन हड़ताल का यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
सीधे सरकारी कॉन्ट्रैक्ट: बीच से ठेकेदारों को हटाकर कर्मचारियों को सीधे विभाग के अधीन लाया जाए।
समान काम-समान वेतन: पक्के कर्मचारियों की तरह ही इन्हें भी समान सुविधाएं और वेतन दिया जाए, क्योंकि जान का जोखिम दोनों का बराबर है।
रोजगार की गारंटी: नौकरी से अचानक निकाले जाने का डर खत्म हो ताकि वे बिना किसी मानसिक तनाव के काम कर सकें।









