
जालंधर: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर स्थित जोनल दफ्तर की टीमों ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘डंकी रूट’ मामले में पंजाब और हरियाणा में 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह कार्रवाई फरवरी 2025 में अमेरिका से डिपोर्ट किए गए अवैध प्रवासियों से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में की जा रही है।
ED की टीमें पंजाब के अमृतसर, संगरूर, पटियाला, मोगा और हरियाणा के अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल में ट्रैवल एजेंटों और बिचौलियों के ठिकानों पर तलाशी ले रही हैं। बताया जा रहा है कि ED ने यह जांच PMLA (प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत शुरू की थी, जिसका आधार पंजाब और हरियाणा पुलिस द्वारा ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ दर्ज की गईं 17 FIR थीं। इन एजेंटों पर विदेश जाने के इच्छुक लोगों से धोखाधड़ी करने का आरोप है।
जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह एजेंट विदेश जाने की चाह रखने वाले भोले-भाले लोगों को अपना निशाना बनाते थे। वे कानूनी तरीके से विदेश भेजने का झूठा वादा कर प्रति व्यक्ति 45 से 50 लाख रुपए की भारी रकम वसूलते थे। हालांकि, पैसा लेने के बाद वे लोगों को धोखा देते थे और उन्हें खतरनाक जंगली और अवैध रास्तों (डंकी रूट) से कई देशों की सीमाएं पार कराते थे। इस काम में वे अंतरराष्ट्रीय मानव तस्कर माफिया की मदद लेते थे।
इसके अलावा, यह एजेंट मानव तस्करों के साथ मिलकर विदेश जाने वालों के लिए रास्ते में ऐसे खतरनाक हालात पैदा कर देते थे कि उनके परिवारों को और ज्यादा पैसे देने के लिए मजबूर होना पड़ता था। ED ने अमेरिका से डिपोर्ट होकर लौटे कुछ युवकों के बयान दर्ज किए थे। इन्हीं बयानों और आगे की जांच के आधार पर संदिग्ध एजेंटों के नाम सामने आए, जिनके ठिकानों पर आज यह छापेमारी की जा रही है।
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Jalandhar ED takes big action








