
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों किसानों को बड़ी राहत देते हुए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत ब्याज सब्सिडी की सीमा बढ़ा दी है। अब किसानों को 3 लाख रुपये की बजाय 5 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर ब्याज में सरकारी छूट का लाभ मिलेगा। सरकार के इस कदम का उद्देश्य किसानों को साहूकारों के महंगे कर्ज के जाल से बचाना और खेती की लागत को कम करना है।
इस योजना के तहत, किसानों को बैंकों से 7 प्रतिशत की ब्याज दर पर 5 लाख रुपये तक का कर्ज मिलता है। सरकार इस पर 3 प्रतिशत की सब्सिडी सीधे बैंकों को देती है, जिससे किसानों पर ब्याज का बोझ कम हो जाता है। इस हिसाब से किसानों को प्रभावी रूप से केवल 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज ही चुकाना पड़ता है। यह दर साहूकारों द्वारा वसूले जाने वाले ब्याज से काफी कम है, जो अक्सर 18 प्रतिशत या उससे भी अधिक होता है।

दरअसल, सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ कई योजनाएं चला रही है, जिनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड योजना प्रमुख हैं। KCC योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को संस्थागत ऋण प्रणाली से जोड़कर सस्ती दरों पर कर्ज उपलब्ध कराना है। पहले यह सीमा 3 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है ताकि किसान अपनी बढ़ी हुई जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकें।
किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से मिलने वाले इस शॉर्ट-टर्म लोन का उपयोग कई तरह के कृषि कार्यों के लिए किया जा सकता है। इसमें अल्पकालिक फसल उगाने का खर्च, फसल कटाई के बाद के खर्चे, पशुपालन, डेयरी, मछली पालन, खेत के रखरखाव और अन्य कृषि-संबंधी गतिविधियों के लिए कर्ज उपलब्ध है। योजना के तहत फसल के लिए 3 लाख रुपये और कृषि से जुड़े अन्य कार्यों के लिए 2 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त किया जा सकता है, जिससे कुल सीमा 5 लाख रुपये हो जाती है। सरकार का कहना है कि यह देश में उपलब्ध सबसे सस्ते कृषि ऋणों में से एक है, जो किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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farmers who take loans from banks








