
वाशिंगटन: एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने अंतरिक्ष अन्वेषण की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने बीते दिन सोमवार को अपने विशाल और अब तक के सबसे शक्तिशाली रॉकेट ‘स्टारशिप’ का 11वां परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इस मिशन के दौरान रॉकेट ने पृथ्वी का आधा चक्कर लगाया और अपने सभी लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए हिंद महासागर में सुरक्षित लैंडिंग (स्प्लैशडाउन) की।
टेक्सास के दक्षिणी सिरे पर स्थित स्टारबेस सेंटर से लॉन्च होने के बाद, स्टारशिप के सुपर हैवी बूस्टर ने योजना के अनुसार अलग होकर मेक्सिको की खाड़ी में एक नियंत्रित लैंडिंग की। वहीं, मुख्य अंतरिक्ष यान ने अंतरिक्ष में पहुंचकर डमी स्टारलिंक सैटेलाइट्स को तैनात किया और अपने इंजन को फिर से चालू करने का सफल परीक्षण भी किया। यह परीक्षण चंद्रमा और मंगल मिशनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लगभग एक घंटे तक चली इस उड़ान का सबसे चुनौतीपूर्ण पड़ाव पृथ्वी के वायुमंडल में वापसी थी। रॉकेट ने वायुमंडल की अत्यधिक गर्मी का सफलतापूर्वक सामना किया और हिंद महासागर में निर्धारित स्थान पर सुरक्षित उतरा।
यह सफलता स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क के उस सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसके तहत वह इंसानों को मंगल ग्रह पर बसाना चाहते हैं। मिशन की सफलता पर खुशी जताते हुए स्पेसएक्स के डैन ह्यूट ने कहा, “स्टारशिप, पृथ्वी पर वापसी पर तुम्हारा स्वागत है! क्या शानदार दिन था!”
नासा भी अपने आर्टेमिस मून मिशन के लिए स्टारशिप पर बहुत अधिक निर्भर है। इसी 403 फुट लंबे रॉकेट के बिना दशक के अंत तक अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारना संभव नहीं होगा।
इस साल की शुरुआत में हुए कुछ असफल परीक्षणों के बाद मिली यह कामयाबी टीम के लिए एक बड़ा मनोबल है। अब स्पेसएक्स ‘स्टारशिप वर्जन-3’ को लॉन्च करने की तैयारी में है, जो मौजूदा मॉडल से भी अधिक शक्तिशाली होगा। कंपनी का लक्ष्य 2027 तक 466 फीट ऊंचे ‘स्टारशिप वर्जन-4’ को लॉन्च करना है, जो अंतरिक्ष यात्रा में एक नई क्रांति ला सकता है।
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Elon Musk’s Mars mission on track








