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Dream11 कारोबार समेटने की तैयारी में, कर्मचारियों को दी जानकारी

नई दिल्ली: ऑनलाइन गेमिंग विधेयक के लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास होने से देश की 3.8 अरब डॉलर की गेमिंग इंडस्ट्री पर बड़ा असर पड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, इस विधेयक के कानून बनने के बाद फेंटेसी गेमिंग कंपनी ड्रीम11 ने अपना रियल मनी गेमिंग कारोबार समेटने की तैयारी शुरू कर दी है।

सूत्रों के अनुसार, 20 अगस्त को कंपनी ने अपने कर्मचारियों को एक आंतरिक टाउन हॉल बैठक में यह जानकारी दी कि वह रियल मनी गेमिंग का अपना ऑपरेशन बंद कर रही है। कंपनी की सालाना आय का लगभग 67 प्रतिशत हिस्सा केवल ड्रीम11 से आता था, जिसके चलते यह फैसला कंपनी के लिए एक बड़ा झटका है। सूत्रों के अनुसार, ड्रीम स्पोर्ट्स के सीईओ हर्ष जैन ने अपने कर्मचारियों से कहा कि नए कानून के लागू होने के बाद अब ऑपरेशन जारी रखने का कोई रास्ता नहीं बचा है।

यह कंपनी के लिए एक बड़ा झटका है क्योंकि इसका 90 प्रतिशत से अधिक राजस्व ड्रीम11 के पेड फेंटेसी कॉन्टेस्ट से ही आता था। हर्ष जैन और भावित शेठ द्वारा 2008 में स्थापित इस कंपनी ने 28 करोड़ से अधिक पंजीकृत यूजर्स के साथ भारत के फेंटेसी खेल बाजार में अपना दबदबा बनाए रखा था। वित्तीय वर्ष 2024 में पुरुष क्रिकेट विश्व कप के दौरान कंपनी ने केवल इसी प्लेटफॉर्म से 9,600 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की थी।

अब ड्रीम11 अपने कारोबार का ध्यान दूसरे क्षेत्रों पर केंद्रित करेगी, जिसमें FanCode, DreamSetGo और Dream Game Studios जैसे अन्य वर्टिकल शामिल हैं, ताकि कंपनी गेमिंग और खेलों की दुनिया में किसी न किसी रूप में अपना प्रभाव कायम रख सके।

गौरतलब है कि राज्यसभा ने 21 अगस्त को ‘ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और नियमन विधेयक, 2025’ को मंजूरी दी थी, जिससे ऑनलाइन पैसों वाले खेलों पर प्रतिबंध का रास्ता साफ हो गया है। इससे पहले, लोकसभा ने इस विधेयक को 20 अगस्त को मंजूरी दी थी। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह विधेयक ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देगा, लेकिन उन ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाएगा, जो समाज, खासकर मध्य वर्ग के युवाओं के लिए एक बड़ी समस्या बन गए हैं।

Dream11 is preparing to close its business