
नई दिल्ली: देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल पर दूरसंचार विभाग (DoT) ने शिकंजा कसा है। विभाग ने कंपनी पर कर्नाटक टेलीकॉम सर्किल में सब्सक्राइबर वेरिफिकेशन के नियमों (Subscriber Verification Norms) का उल्लंघन करने के आरोप में 2.14 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। इस बात का खुलासा हाल ही में हुई एक रेगुलेटरी फाइलिंग से हुआ है।
दूरसंचार विभाग ने अपनी जांच में पाया कि एयरटेल ने कोल लाइसेंस एग्रीमेंट के तहत सब्सक्राइबर वेरिफिकेशन के नियमों का पालन नहीं किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी पर कर्नाटक सर्किल में ग्राहकों को जोड़ने के लिए जरूरी वेरिफिकेशन प्रक्रिया को ताक पर रखने का आरोप है। नियमों के तहत, किसी भी ग्राहक को अपने नेटवर्क से जोड़ने से पहले कंपनियों को एक तय वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

दूरसंचार विभाग समय-समय पर टेलीकॉम कंपनियों द्वारा नए ग्राहकों के लिए भरे गए कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) का ऑडिट करता है। विभाग द्वारा अगस्त 2025 में किए गए ऐसे ही एक ऑडिट के दौरान यह गड़बड़ी पकड़ी गई। जांच में पाया गया कि भारती एयरटेल के सीएएफ में भरी गई जानकारियों का सही तरीके से वेरिफिकेशन नहीं किया गया था।
फाइलिंग के अनुसार, इस उल्लंघन के लिए दूरसंचार विभाग ने कर्नाटक टेलीकॉम सर्किल में एयरटेल को नोटिस जारी करते हुए 2.14 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। बताया जा रहा है कि एयरटेल ने विभाग के इस नोटिस को स्वीकार कर लिया है और वह जुर्माना भरने के लिए तैयार है।
यह पहला मौका नहीं है जब किसी टेलीकॉम कंपनी पर नियमों के उल्लंघन को लेकर जुर्माना लगाया गया हो। दूरसंचार विभाग ने हाल के दिनों में साइबर फ्रॉड और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड जारी होने से रोकने के लिए सब्सक्राइबर वेरिफिकेशन के नियमों को काफी सख्त कर दिया है।
इसके अतिरिक्त, दूरसंचार नियामक ट्राई (TRAI) ने भी 1 अक्टूबर से ‘क्वालिटी ऑफ सर्विस’ नॉर्म्स लागू कर दिए हैं, जिसके तहत टेलीकॉम कंपनियों की सर्विस को ऑडिट किया जाएगा, ताकि ग्राहकों को नेटवर्क से जुड़ी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
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DoT takes major action against Airtel








