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सांप काटने पर घबराएं नहीं, तुरंत अस्पताल जाएं; स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश

बठिंडा: स्वास्थ्य विभाग ने बरसात के मौसम में सांप के काटने की घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए लोगों को जागरूक करने के लिए एक अभियान चलाया है। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. तपिंदरजोत ने जानकारी दी कि बारिश के दौरान सांप के काटने के मामले आम हो जाते हैं, लेकिन सही जानकारी और त्वरित उपचार से जान बचाई जा सकती है।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने सांप काटने की घटनाओं से निपटने के लिए आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं शुरू की हैं। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सी.एच.सी.) और सरकारी अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम (सांप के जहर का टीका) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी घटना की सूरत में मरीज को बिना किसी देरी के तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि सांप के काटने के बाद पीड़ित को किसी भी अप्रशिक्षित व्यक्ति, ओझा या तांत्रिक के पास ले जाने के बजाय सीधे सरकारी अस्पताल ले जाना चाहिए। इसका इलाज केवल विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा ही किया जाना चाहिए।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

-पीड़ित व्यक्ति को शांत रखें और उसे हौसला दें। प्रभावित अंग को स्प्लिंट (खपच्ची) की मदद से स्थिर रखें ताकि जहर तेजी से न फैले।

-सांप के काटने पर घबराने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इसका इलाज पूरी तरह से संभव है।

-जिस स्थान पर सांप ने काटा है, वहां किसी भी तरह का चीरा न लगाएं और न ही मुंह से जहर चूसकर निकालने का प्रयास करें।

-काटी हुई जगह पर न तो बर्फ लगाएं और न ही किसी तरह की मालिश करें।

-रात के समय घर से बाहर निकलते समय हमेशा टॉर्च का प्रयोग करें।

 

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A post shared by Jaspreet Singh (@akstudyvisa1)

Do not panic if bitten by a snake