जालंधर: ई-फार्मेसी कंपनियों की मनमानी के खिलाफ आज पंजाब और चंडीगढ़ के मेडिकल स्टोर संचालक 24 घंटे की हड़ताल पर चले गए हैं। केमिस्टों की इस हड़ताल की वजह से आम लोगों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि चंडीगढ़ के पीजीआई (PGI) में अपना इलाज कराने पहुंचे कश्मीर के एक परिवार को दवा तक नहीं मिल सकी और उन्हें मजबूरी में मेडिकल स्टोर के बाहर लंबा इंतजार करना पड़ा। पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर की गई इस हड़ताल ने पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहरा असर डाला है।
जालंधर में होलसेल खुले, लेकिन अमृतसर-लुधियाना में पसरा सन्नाटा
राज्य में इस हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। आंकड़ों की बात करें तो पंजाब में करीब 24,000 और चंडीगढ़ में 1,000 से अधिक लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर हैं, जो आज बंद हैं। हड़ताल के कारण अमृतसर और लुधियाना जैसे बड़े शहरों में होलसेल और रिटेल दोनों मार्केट पर पूरी तरह से ताले लटके हुए हैं। हालांकि, जालंधर में होलसेल की दुकानें तो खुली हैं, लेकिन रिटेल दुकानों के बंद होने से मरीजों को दवाइयां नसीब नहीं हो रही हैं। वहीं, चंडीगढ़ में पीजीआई के सामने वाली प्रमुख दवा मार्केट में भी सन्नाटा पसरा हुआ है।
बिना पर्ची धड़ल्ले से बिक रहीं दवाइयां, युवाओं में नशे का डर
केमिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवा कंपनियों पर नियमों की धज्जियां उड़ाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। दुकानदारों का कहना है कि ये ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म बिना डॉक्टर की पर्ची और उचित जांच-पड़ताल के दवाइयां सीधे लोगों के घर तक पहुंचा रहे हैं। कई मामलों में पर्ची की सत्यता की जांच तक नहीं की जाती, जिससे युवाओं में नशीली दवाओं के दुरुपयोग का खतरा काफी बढ़ गया है। एसोसिएशन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि रिटेल मेडिकल स्टोरों के लिए तो सरकार ने बेहद सख्त नियम लागू कर रखे हैं, जबकि इन ऑनलाइन कंपनियों को बिना किसी निगरानी के मनमानी करने की पूरी छूट मिली हुई है।
मांगें न मानने पर सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल उनके व्यापार या मुनाफे का मुद्दा नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर जनहित और युवाओं को नशे के जाल से बचाने का मामला है। केमिस्ट एसोसिएशन ने पंजाब सरकार और स्वास्थ्य विभाग से पुरजोर मांग की है कि ऑनलाइन दवा कंपनियों के लिए भी कड़े नियम बनाए जाएं और उन्हें रेगुलेट किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर उनकी इन मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और भी तेज और उग्र किया जाएगा।

Chemists in Punjab and Chandigarh on Strike: 25,000 Shops Closed; Here is the Situation in Jalandhar








