लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बड़े ट्रेन हादसे को अंजाम देने की साजिश का खुलासा हुआ है। यहां अमृतसर से हावड़ा जा रही अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस को पटरी से उतारने (डिरेल करने) की भयंकर कोशिश की गई। हालांकि, समय रहते एक बड़ी त्रासदी टल गई और ट्रेन में सवार सैकड़ों यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई।
लोको पायलट की सूझबूझ से टला मौत का मंजर
मिली जानकारी के अनुसार, असामाजिक तत्वों ने ट्रेन को निशाना बनाने के इरादे से रेलवे ट्रैक पर 50 किलो वजन का लोहे का एक भारी-भरकम फ्रेम रख दिया था। ट्रेन अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रही थी कि तभी लोको पायलट की पैनी नजर ट्रैक पर पड़े उस लोहे के फ्रेम पर पड़ गई। खतरे का अहसास होते ही लोको पायलट ने अपनी जबरदस्त सूझबूझ और सतर्कता का परिचय देते हुए तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। इमरजेंसी ब्रेक लगने से ट्रेन रुक गई और पायलट की इस फूर्ति के कारण एक बहुत बड़ा और जानलेवा हादसा होते-होते टल गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच में जुटी एजेंसियां
इस गंभीर घटना की सूचना तुरंत रेलवे के आला अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को दी गई। लखनऊ की कैंट थाना पुलिस ने इस खौफनाक साजिश का संज्ञान लेते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आखिर रेलवे ट्रैक तक इतना भारी लोहे का फ्रेम कैसे पहुंचा और इसे रखने के पीछे किसका हाथ था, पुलिस इन तमाम सवालों के जवाब तलाश रही है। अमृतसर से हावड़ा जाने वाली इस अहम ट्रेन को निशाना बनाने वालों की गिरफ्तारी के लिए सघन जांच अभियान शुरू कर दिया गया है।


A 50-kilogram heavy iron frame was placed on the track, a plot that would have derailed








