जालंधर: पंजाब से विदेश भेजने के नाम पर कबूतरबाजी और ठगी का एक दिल दहला देने वाला अंतरराष्ट्रीय मामला सामने आया है। जालंधर के फिल्लौर क्षेत्र के गांव भैणी निवासी राकेश कुमार को एजेंट के झांसे में आकर केन्या में बंधक बना लिया गया था, जहां किडनैपर्स ने उसकी जान की एवज में 58 लाख रुपये की भारी-भरकम फिरौती मांगी थी। राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू और केन्या पुलिस के संयुक्त प्रयासों से सुरक्षित वतन लौटे राकेश ने घर पहुंचते ही जब अपनी नन्ही बेटी को सीने से लगाया, तो पूरे परिवार के आंसू छलक पड़े।
इटली भेजने का सपना दिखाकर केन्या में फंसाया
पीड़ित राकेश कुमार ने अपनी दर्दनाक दास्तान बयां करते हुए बताया कि जालंधर के एक ट्रेवल एजेंट ने उसे इटली का वर्क वीजा दिलाने का भरोसा दिया था। एजेंट ने उसे झांसा दिया कि सीधा इटली का वीजा संभव नहीं है, इसलिए पहले उसे केन्या भेजा जाएगा जहां कागजी औपचारिकताएं पूरी होते ही इटली भेज दिया जाएगा। एजेंट की बातों में आकर राकेश विदेश के लिए रवाना हो गया, लेकिन उसे अंदाजा भी नहीं था कि वहां उसके साथ क्या होने वाला है।
एयरपोर्ट से सीधे सुनसान ठिकाने ले गए, पाकिस्तानी भी थे शामिल
राकेश के अनुसार, जैसे ही वह केन्या एयरपोर्ट पर उतरा, बाहर पहले से मौजूद कुछ संदिग्ध लोगों ने उसकी तस्वीर देखकर उसकी पहचान की और उसे एक टैक्सी में बैठाकर अज्ञात सुनसान ठिकाने पर ले गए। वहां पहले से दो अन्य भारतीय युवक भी बंधक बने हुए थे। बंधक बनाने वाले गिरोह में तीन पाकिस्तानी और तीन केन्याई नागरिक (जिनमें दो युवतियां शामिल थीं) सक्रिय थे। उन्होंने युवकों को बंधक बनाकर कहा कि उनके एजेंट से पैसों का हिसाब चुकता करना है।
वीडियो बनाकर परिवार से मांगी 58 लाख की फिरौती
किडनैपर्स ने युवकों पर अमानवीय दबाव बनाने के लिए उन्हें टॉर्चर करते हुए हिरासत के खौफनाक वीडियो रिकॉर्ड किए। इसके बाद वे वीडियो पंजाब में बैठे उनके परिवारों को भेजकर 58 लाख रुपये की भारी फिरौती की मांग करने लगे। राकेश 4 अगस्त से लेकर सितंबर के अंत तक मौत के साए में उस बंधक केंद्र पर कैद रहा। बेटों की जान खतरे में देख परिवार सदमे में आ गया और उन्होंने तुरंत कुलविंदर सिंह फ्रांस और राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू से संपर्क साधकर मदद की गुहार लगाई।
सांसद की सक्रियता और केन्या पुलिस के एक्शन से बची जान
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने तुरंत विदेश मंत्रालय और केन्या में भारतीय दूतावास के जरिए स्थानीय पुलिस से संपर्क साधा। केन्या पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस ठिकाने पर छापा मारा और तीनों युवकों को किडनैपर्स के चंगुल से सकुशल आजाद करा लिया। घर वापसी के बाद राकेश ने भावुक होते हुए कहा कि वह भगवान, सांसद और पुलिस की बदौलत ही जिंदा बचकर मौत के मुंह से वापस लौटे हैं।


Youth from Jalandhar held hostage in Kenya under the pretext of being sent to Italy




