जालंधर: कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने 4 वर्षीय मासूम केशव के सनसनीखेज किडनैपिंग केस को सुलझाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मासूम को वारदात के महज 8 घंटे के भीतर सकुशल ढूंढकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद वैज्ञानिक और तकनीकी तफ्तीश को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम ने 72 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी रज्जत रत्तू उर्फ रोक्की को धर दबोचा। यह पूरी कार्रवाई पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह के निर्देशों पर डीसीपी सिटी आदित्य एस. वारियर, एडीसीपी-2 माधवी शर्मा और एसीपी वेस्ट आतिश भाटिया की निगरानी में थाना बस्ती बावा खेल व लेदर कॉम्प्लेक्स चौकी पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई।
घर के बाहर खेलते समय हुआ था किडनैप, 1 लाख में तय हुआ था सौदा
डीसीपी सिटी आदित्य एस. वारियर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 17 सितंबर को बस्ती बावा खेल थाना क्षेत्र से 4 वर्षीय केशव अपने घर के बाहर खेलते समय अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों की शिकायत पर तत्काल अपहरण का मुकदमा दर्ज कर पुलिस की कई टीमें गठित की गईं। पूछताछ में सामने आया है कि इस घिनौनी वारदात के पीछे चाइल्ड ट्रैफिकिंग (मानव तस्करी) का नेटवर्क काम कर रहा था। आरोपियों ने मासूम का सौदा 1 लाख रुपये में तय किया था, जिसमें से 20 हजार रुपये पेशगी के तौर पर मिल चुके थे और बाकी रकम बच्चे की डिलीवरी के बाद मिलनी थी।
पहचान छिपाने के लिए बदले कपड़े, शहर भर में 6 घंटे घुमाते रहे आरोपी
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी रज्जत रत्तू उर्फ रोक्की (निवासी गांव मदार, जालंधर) अपने साथी प्रिंस के साथ बिना नंबर की सफेद एक्टिवा पर बच्चे को अगवा करके ले गया था। बच्चे की पहचान छिपाने के मकसद से आरोपियों ने उसके कपड़े बदल दिए और करीब 6 घंटे तक उसे शहर की सड़कों पर इधर-उधर घुमाते रहे। हालांकि, जैसे ही शहर भर में नाकेबंदी कड़ी हुई और पुलिस टीमों ने तेजी से इलाके को घेरा, आरोपी घबरा गए और पकड़े जाने के खौफ से बच्चे को जालंधर बस स्टैंड पर लावारिस छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने बच्चे को तुरंत सुरक्षित बरामद कर उसके रोते-बिलखते परिवार से मिलवाया।
मुख्य आरोपी रत्तू गिरफ्तार, बिना नंबर की एक्टिवा बरामद; खरीदार की तलाश जारी
पुलिस ने गुप्त सूचना और सर्विलांस के आधार पर घेराबंदी कर मुख्य आरोपी रज्जत रत्तू को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से अपहरण में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की सफेद रंग की एक्टिवा स्कूटी भी बरामद कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वारदात में शामिल उसके साथी प्रिंस की तलाश में कई संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। साथ ही पुलिस उस परिवार और बिचौलियों की पहचान करने में जुटी है, जिसने बच्चे को खरीदने के लिए 1 लाख रुपये की डील की थी। जांच अधिकारियों का कहना है कि मानव तस्करी से जुड़े इस सिंडिकेट की तह तक जाकर इसमें शामिल हर चेहरे को बेनकाब किया जाएगा।


In Jalandhar, a 4-year-old child was abducted and a deal was being struck to sell him for ₹1 lakh




