जालंधर: पंजाब में आज बंदी सिंहों की रिहाई और अन्य मांगों को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा द्वारा बुलाए गए ‘पंजाब बंद’ का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। सुबह 7 बजे से ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान, और स्कूल-कॉलेज सूने पड़े हैं। दोपहर 2 बजे तक प्रस्तावित इस बंद के कारण सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी काफी हद तक ठप हो गई हैं, जिससे आम जनजीवन सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है और सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
जालंधर के प्रमुख चौक पर लगा धरना, ट्रैफिक हुआ प्रभावित
बंद के दौरान जालंधर शहर में भी सुबह से ही मोर्चा के सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। कौमी इंसाफ मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने शहर के व्यस्त गुरु नानक मिशन चौक पर धरना लगाकर ट्रैफिक पूरी तरह से रोक दिया है। यातायात प्रभावित होने के कारण प्रशासन ने लोगों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस बंद के दौरान अस्पताल, मेडिकल स्टोर, एंबुलेंस और अन्य सभी आवश्यक आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह से छूट दी गई है, ताकि किसी भी मरीज या जरूरतमंद को परेशानी न हो।
स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी और बाजारों में पसरा सन्नाटा
शिक्षा व्यवस्था और व्यापार पर इस बंद का भारी असर पड़ा है। एहतियात के तौर पर चंडीगढ़ और मोहाली के कई स्कूलों में पहले ही छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं, वहीं प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने भी आज बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल बंद रखने की अपील की है। व्यापारिक गतिविधियों की बात करें तो शहर के मुख्य बाजार, बड़े शॉपिंग मॉल, थोक मंडियां और अन्य सभी प्रमुख कॉमर्शियल संस्थानों को पूरी तरह से बंद रखने का आह्वान किया गया है, जिसके चलते चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ है।
हाईवे से लेकर रेलवे ट्रैक तक जाम, परिवहन सेवाएं बेहाल
सड़कों और रेलवे यातायात पर मोर्चे के इस बंद ने भारी ब्रेक लगा दिया है। नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और सभी प्रमुख जिला मार्गों पर जगह-जगह ट्रैफिक रोका जा रहा है। प्रमुख रास्तों और हाईवे के बंद किए जाने की वजह से बस, ऑटो और टैक्सी सेवाओं पर भी सीधा असर पड़ा है, जिससे दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा, मोर्चे ने बंद के दौरान रेलवे ट्रैक भी जाम करने का कड़ा ऐलान किया है, जिससे ट्रेनों की आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
एसजीपीसी के कार्यालय और शिक्षण संस्थानों में भी कामकाज ठप
इस पंजाब बंद को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) का भी पूरा समर्थन हासिल है। इस समर्थन के प्रभाव के चलते आज एसजीपीसी के सभी प्रमुख कार्यालय पूरी तरह से बंद रखे गए हैं। इसके साथ ही, कमेटी के अधीन चलने वाले सभी शिक्षण संस्थानों में भी आज कामकाज और पढ़ाई ठप है और वहां भी छुट्टी का माहौल है।
जानिए क्यों बुलाया गया है यह पंजाब बंद
इस बड़े बंद के पीछे मुख्य रूप से कौमी इंसाफ मोर्चा की कई पुरानी और नई मांगें शामिल हैं। मोर्चा लंबे समय से अलग-अलग जेलों में सजा काट रहे बंदी सिंहों की रिहाई की मांग कर रहा है। इसके साथ ही जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने और बीते 15 अगस्त को चंडीगढ़ में हुए प्रदर्शन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमों को तुरंत वापस लेने की भी पुरजोर मांग की जा रही है। गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर चंडीगढ़ में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी तनाव और तीखी झड़प हुई थी, जिसके बाद ही 21 अगस्त को इस बंद का कड़ा फैसला लिया गया था।
समर्थन और विरोध के बीच बंटी राय
पंजाब बंद को लेकर राज्य में अलग-अलग संगठनों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) सहित कई अन्य प्रमुख संगठनों ने इस बंद को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। दूसरी ओर, पंजाब गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष कीमती भगत ने इस बंद का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वे जगतार सिंह हवारा की पैरोल दिए जाने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इस तरह राज्य को बंद करने से श्रद्धालुओं और आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिससे बचा जाना चाहिए।


‘Punjab Bandh’ today for the release of imprisoned Sikh prisoners; blockades ranging from highways




