चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में आगामी चुनावों को लेकर चल रही तैयारियों के बीच एक बड़ा सियासी बवाल खड़ा हो गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) द्वारा हाल ही में पंजाब के लिए जारी की गई नई संगठनात्मक लिस्ट से बाहर रखे जाने के बाद चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी का दर्द छलक उठा है। गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उनकी एक पोस्ट ने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर पार्टी के अंदरूनी हालात और अपनी अनदेखी पर गहरी निराशा व्यक्त की है।
सोशल मीडिया पर बयां की अपनी निराशा
चुनाव समितियों से जुड़े एक आर्टिकल पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद मनीष तिवारी ने बेहद भावुक और तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि काश उनके पास लोगों और संस्थाओं की ‘इनसिक्योरिटी’ (असुरक्षा की भावना) का कोई इलाज होता। तिवारी ने पार्टी के प्रति अपनी वफादारी की याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस ने उन्हें पिछले 45 सालों में काफी कुछ दिया है और उन्होंने भी अपनी पूरी जवानी से लेकर अब तक के कई दशक कांग्रेस की सेवा में लगा दिए हैं। अपनी बात को खत्म करते हुए उन्होंने तंज भरे लहजे में लिखा कि आगे जो होगा, वो देखा जाएगा।
आखिर क्यों नाराज हैं दिग्गज कांग्रेसी नेता?
यह पूरा विवाद बुधवार को उस समय शुरू हुआ, जब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर कई अहम संगठनात्मक नियुक्तियों का ऐलान किया। इस लिस्ट में चुनाव संबंधी समितियों के अध्यक्षों और सह-अध्यक्षों के नामों की घोषणा की गई, लेकिन चंडीगढ़ से मौजूदा सांसद और पंजाब के कद्दावर नेताओं में शुमार मनीष तिवारी को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया। मनीष तिवारी साल 2019 में पंजाब के आनंदपुर साहिब और उससे पहले लुधियाना से भी सांसद रह चुके हैं। तीन बार के सांसद होने के बावजूद संगठन में कोई भी जिम्मेदारी न मिलने के कारण वे आहत हैं।
पार्टी ने इन चेहरों पर जताया है भरोसा
एआईसीसी के महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कई बड़े नामों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी का चेयरपर्सन बनाया गया है, जबकि विजय इंदर सिंगला इलेक्शन मैनेजमेंट और कोऑर्डिनेशन कमेटी का काम संभालेंगे। वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी और अमर सिंह को मैनिफेस्टो कमेटी का प्रमुख बनाया गया है। इसके साथ ही अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने रहेंगे और प्रताप सिंह बाजवा नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में बरकरार रहेंगे। वहीं, पार्टी ने सुखविंदर सिंह डैनी, राज कुमार वेरका और संगत सिंह गिलजियां को पंजाब का नया वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त किया है।


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