चंडीगढ़: भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे और जेल की हवा खा रहे पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सीबीआई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी उन पर अपना शिकंजा कस दिया है। जांच एजेंसी की टीम ने उनके चंडीगढ़ स्थित आवास पर अचानक दबिश दी है, जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार और अकूत संपत्ति के इस हाई-प्रोफाइल मामले में ईडी की एंट्री के बाद अब कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
छापेमारी में मिला था कुबेर का खजाना, 50 संपत्तियों का हुआ था खुलासा
इससे पहले सीबीआई द्वारा की गई छापेमारी के दौरान भुल्लर के चंडीगढ़ स्थित आवास और फार्महाउस से भारी मात्रा में काली कमाई का पर्दाफाश हुआ था। जांच एजेंसी को उनके ठिकानों से लगभग 7.36 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कैश, ढाई किलो सोना और करीब 2.32 करोड़ रुपये के चांदी के आभूषण मिले थे। डीआईजी के शाही शौक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके पास रोलेक्स और राडो जैसे महंगे ब्रांड की 26 लग्जरी घड़ियां, मर्सिडीज और ऑडी जैसी शानदार कारें और 108 विदेशी शराब की बोतलें भी बरामद हुई थीं। इसके अलावा सीबीआई ने उनके और परिवार के नाम पर 50 से अधिक अचल संपत्तियों के दस्तावेज और चार हथियार भी जब्त किए थे।
कबाड़ कारोबारी से ‘सेवा-पानी’ मांगना पड़ा था भारी
डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के पतन की शुरुआत 16 अक्टूबर 2025 को हुई थी, जब सीबीआई ने उन्हें मोहाली स्थित उनके ही कार्यालय से रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। भुल्लर ने आकाश बत्ता नाम के एक कबाड़ कारोबारी से उसके खिलाफ 2023 में दर्ज एक पुरानी एफआईआर को रफा-दफा करने और भविष्य में सुरक्षा मुहैया कराने के बदले मासिक ‘सेवा-पानी’ की मांग की थी। उन्होंने 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी और 5 लाख रुपये लेते हुए उन्हें दबोच लिया गया। इसके बाद उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की गई।
सलाखों के पीछे कट रही रातें, जमानत याचिकाएं भी हो चुकी हैं खारिज
इस घूसकांड के बाद सीबीआई ने भुल्लर की संपत्तियों की गहराई से पड़ताल की और 29 अक्टूबर 2025 को उन पर आय से अधिक संपत्ति का एक और मामला दर्ज कर लिया। गिरफ्तारी के बाद से ही निलंबित डीआईजी 17 अक्टूबर 2025 से चंडीगढ़ की बुड़ैल (मॉडल) जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। समय-समय पर अदालत द्वारा उनकी हिरासत अवधि बढ़ाई जाती रही है। उन्हें कानूनी मोर्चे पर भी कोई राहत नहीं मिल रही है, क्योंकि हाल ही में अप्रैल 2026 में भी कोर्ट ने उनकी जमानत याचिकाएं सिरे से खारिज कर दी हैं। अब ईडी की इस नई कार्रवाई ने उनके बाहर आने के रहे-सहे रास्ते भी लगभग बंद कर दिए हैं।

The ED tightens its noose around jailed and suspended DIG Harcharan Bhullar








