जालंधर: पंजाब की सियासत में इन दिनों भारी उथल-पुथल मची हुई है। इसी बीच भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज स्पिनर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने ‘भज्जी’ पर कड़ा एक्शन लेते हुए उनका सुरक्षा कवर पूरी तरह से वापस ले लिया है। हरभजन सिंह के निजी सहायक (पीए) ने राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा हटाए जाने की आधिकारिक पुष्टि की है। हालांकि, पंजाब पुलिस का पहरा हटते ही केंद्र सरकार तुरंत हरकत में आ गई और हरभजन सिंह को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सुरक्षा मुहैया करा दी है। केंद्र के इस आदेश के तुरंत बाद उनके जालंधर स्थित आवास के बाहर सीआरपीएफ के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है।
AAP से बगावत करने वाले अन्य सांसदों को भी मिला VIP कवर
यह केंद्रीय सुरक्षा घेरा सिर्फ हरभजन सिंह तक ही सीमित नहीं है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी से बगावत कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पाले में जाने वाले अन्य सांसदों को भी केंद्र सरकार ने अपनी छत्रछाया में ले लिया है। इन सांसदों में संदीप पाठक, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत साहनी का नाम शामिल है। इन सभी नेताओं को अब सीधे तौर पर सीआरपीएफ के कमांडो सुरक्षा प्रदान करेंगे। जानकारी के अनुसार, पंजाब में इन नेताओं के खिलाफ हो रहे भारी विरोध प्रदर्शनों और उन पर मंडराते खतरे को देखते हुए गृह मंत्रालय ने यह अहम कदम उठाया है।
राघव चड्ढा के एक दावे से पंजाब में मचा है सियासी भूचाल
गौरतलब है कि क्रिकेट के मैदान से संन्यास लेने के बाद हरभजन सिंह को आम आदमी पार्टी ने ही पंजाब से राज्यसभा भेजा था। इस पूरे सियासी बवाल की शुरुआत तब हुई जब आम आदमी पार्टी के बड़े नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। चड्ढा ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा था कि उनके साथ आम आदमी पार्टी के कुल 7 राज्यसभा सांसद भी बीजेपी में आ गए हैं। इस बगावती लिस्ट में उन्होंने खुले तौर पर हरभजन सिंह का नाम भी लिया था। इस खुलासे के बाद से ही पंजाब का राजनीतिक पारा गरमाया हुआ है और नेताओं के घरों के बाहर भारी हंगामा देखने को मिल रहा है।

while-the-mann-government-withdrew-his-security-cover-the-centre-provided-major-relief








