सोनीपत: कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के दौरान हरियाणा-दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर हुई एक रूह कंपा देने वाली हत्या के मामले में सोनीपत की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साल 2021 में दशहरे के दिन तरनतारन (पंजाब) के रहने वाले लखबीर सिंह की बर्बर हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए चार निहंगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सरोए की अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ऐसा कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं कर सका, जिससे यह साबित हो सके कि यह खौफनाक हत्या इन निहंगों ने ही की थी।
सबूतों के अभाव में मिली क्लीन चिट, एक आरोपी अभी भी फरार
अदालत के इस फैसले के बाद निहंग सरबजीत सिंह, भगवंत सिंह, गोविंद प्रीत सिंह और नारायण सिंह को हत्या के आरोपों से बरी कर दिया गया है। वहीं, इस सनसनीखेज हत्याकांड में आरोपी बनाया गया निहंग जत्थेदार अमन सिंह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है, जिसके चलते उसका मामला अभी भी अदालत में विचाराधीन है। गौरतलब है कि इस नृशंस हत्याकांड को लेकर 15 अक्टूबर 2021 को सोनीपत के कुंडली थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
रूह कंपा देने वाली थी वो सुबह, बैरिकेड से उल्टा लटका मिला था शव
आपको बता दें कि अक्टूबर 2021 में सिंघु बॉर्डर पर उस वक्त हड़कंप मच गया था, जब 35 वर्षीय युवक लखबीर सिंह का शव एक पुलिस बैरिकेड से उल्टा लटका हुआ पाया गया था। हत्यारों ने बेरहमी की सारी हदें पार करते हुए उसका बायां हाथ तक काट दिया था। इस दर्दनाक हत्या का सीधा आरोप वहां मौजूद निहंगों पर लगा था। घटना के बाद सोशल मीडिया पर कम से कम तीन वीडियो भी वायरल हुए थे, जिनमें निहंगों का एक बड़ा हुजूम खून से लथपथ और दर्द से कराहते लखबीर के चारों ओर खड़ा नजर आ रहा था।
बेअदबी के आरोप में दी गई थी तालिबानी सजा
इस दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। उस दौरान निहंगों के एक गुट ने सरेआम दावा किया था कि लखबीर सिंह ने कथित तौर पर सिखों के पवित्र ग्रंथ ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब’ की बेअदबी (अपमान) की थी। इसी कथित बेअदबी की सजा के तौर पर निहंगों ने तालिबानी फरमान सुनाते हुए लखबीर का हाथ काटकर उसे तड़पा-तड़पा कर मार डाला था। हालांकि, अब पर्याप्त साक्ष्यों और गवाहों की कमी के चलते अदालत ने गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है।

The Massacre During the Farmers’ Protest: Body Hung from Barricade After Hands Were Severed








