चंडीगढ़: पंजाब की अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक बेहद सकारात्मक और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के लोगों की कमाई में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है। पिछले तीन साल के अंदर ही पंजाब की प्रति व्यक्ति आय में 19 फीसदी से अधिक की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस उछाल के साथ सूबे में प्रति व्यक्ति आय 2,21,197 रुपये तक पहुंच गई है। इस आंकड़े के साथ पंजाब ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे कई बड़े राज्यों को काफी पीछे छोड़ दिया है, हालांकि हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के मुकाबले राज्य अभी भी पीछे है।
तीन साल में आया अर्थव्यवस्था में जबरदस्त उछाल
आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2022-23 के दौरान सूबे में प्रति व्यक्ति आय 1,85,802 रुपये थी। इसके बाद वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 2,05,374 तक पहुंच गया। वहीं, वर्ष 2024-25 में एक बड़े उछाल के साथ यह आय 2,21,197 रुपये दर्ज की गई है। लोगों की बढ़ती आय का सीधा मतलब यह है कि प्रदेश में स्वास्थ्य देखभाल, बेहतर शिक्षा, अच्छे आवास और पौष्टिक भोजन तक आम आदमी की पहुंच आसान हो रही है। लोग पहले से अधिक वस्तुओं और सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं, जिससे बाजार में खपत बढ़ रही है। यह सीधा संकेत है कि राज्य में उद्योग और रोजगार के अवसर तेजी से विकसित हो रहे हैं।
पड़ोसी राज्य हरियाणा और हिमाचल से अभी भी पीछे
प्रति व्यक्ति आय में शानदार बढ़ोतरी के बावजूद, पंजाब अभी भी अपने कुछ पड़ोसी राज्यों से पीछे चल रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 3,53,182 रुपये दर्ज की गई है, जो वर्ष 2023-24 में 3,19,363 रुपये थी। इसी तरह, पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय भी 2024-25 में 2,56,137 रुपये दर्ज की गई है। इन आंकड़ों से साफ है कि कमाई के मामले में ये दोनों राज्य पंजाब से बेहतर स्थिति में हैं।
इन बड़े राज्यों को आय के मामले में पछाड़ा
भले ही पंजाब अपने दो पड़ोसियों से पीछे है, लेकिन देश के कई प्रमुख राज्यों के मुकाबले सूबे की स्थिति बेहद मजबूत है। अगर बिहार की बात करें तो वहां की प्रति व्यक्ति आय पंजाब के सामने काफी कम है, जो मात्र 69,321 रुपये है। इसी तरह मध्य प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,52,615 रुपये और उत्तर प्रदेश की 1,08,572 रुपये दर्ज की गई है।
सरकार की कोशिशें और कर्ज का भारी बोझ
राज्य सरकार लोगों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके तहत कौशल विकास, रोजगार सृजन, उद्यमिता और व्यापार में आसानी को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का पूरा फोकस परिवारों की आजीविका को मजबूत कर स्थायी आय के स्रोत पैदा करने पर है। हालांकि, इन अच्छी खबरों के बीच पंजाब के सामने बढ़ता कर्ज एक बहुत बड़ी चुनौती बना हुआ है। वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य पर कुल बकाया कर्ज 3,79,963.94 करोड़ रुपये था, जिसके वर्ष 2026-27 तक बढ़कर 4,47,754.78 करोड़ रुपये होने का अनुमान जताया गया है, जो भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।

Punjab’s people are in for a treat, with per capita income rising 19% in three years








