
नई दिल्ली: सूर्य उपासना के महापर्व छठ पर बिहार लौटने वाले प्रवासियों की आस्था के आगे महंगाई भी छोटी पड़ गई है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों से बिहार जाने वाली लगभग सभी फ्लाइट्स फुल हो चुकी हैं। 50 से 60 प्रतिशत तक महंगे किराए के बावजूद, आस्था को प्राथमिकता देते हुए हजारों प्रवासियों ने टिकट बुक किए हैं। आलम यह है कि ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट भी खत्म हो चुकी है, जबकि बस संचालक इस भारी भीड़ का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
आसमान पर हवाई किराया, जेब पर भारी आस्था
ट्रैवल पोर्टल्स और एयरलाइंस के आंकड़ों के अनुसार, एयरलाइंस ‘डायनामिक प्राइसिंग’ मॉडल के तहत इस त्योहारी भीड़ का फायदा उठाकर भारी मुनाफा कमा रही हैं, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले हफ्ते बुकिंग्स में 200% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसका सीधा असर किराए पर दिख रहा है; सामान्य दिनों में 4,000 से 6,000 रुपये के बीच रहने वाला दिल्ली-पटना का किराया अब 8,000 से 10,000 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, दिल्ली-दरभंगा रूट पर किराया 13,000 रुपये के करीब और दिल्ली-गया के लिए 12,000 रुपये के आसपास है।

हालांकि इंडिगो, स्पाइसजेट और एयर इंडिया जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने इन रूट्स पर अतिरिक्त उड़ानें (एक्स्ट्रा फ्लाइट्स) जोड़ी हैं, लेकिन मांग इतनी अधिक है कि बढ़े हुए किराए के बावजूद सीटें मिलना मुश्किल हो गया है।
ट्रेनों में जगह नहीं, बसों में मनमानी वसूली
ट्रेनों की स्थिति तो और भी खराब है; रेलवे द्वारा चलाई गई स्पेशल ट्रेनें भी पहले से पैक हैं और नियमित ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट हजारों में पहुंच गई है। ट्रेनों में जगह की इसी किल्लत और यात्रियों की मजबूरी का फायदा निजी बस ऑपरेटर उठा रहे हैं, जिन्होंने किराया मनमाने ढंग से बढ़ा दिया है। सामान्य दिनों में 1,000 से 2,000 रुपये में मिलने वाला दिल्ली-बिहार का बस टिकट छठ पर 1,500 से 4,000 रुपये में बिक रहा है। वहीं, दिल्ली-दरभंगा रूट पर नॉन-एसी बसों का किराया, जो आमतौर पर 1,000-1,500 रुपये होता है, त्योहारी भीड़ के चलते 2,599 रुपये से 4,999 रुपये तक पहुंच गया है।
यह समस्या हर साल दशहरा, दीपावली और छठ के मौके पर पूर्वी भारत के रूट्स पर देखने को मिलती है। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ने मांग की है कि सरकार को त्योहारी सीजन में किराए पर कैपिंग (अधिकतम सीमा) लगाने पर विचार करना चाहिए। विशेषज्ञों की सलाह है कि यात्री कम से कम कई महीने पहले बुकिंग करें, या वाराणसी-लखनऊ जैसे नजदीकी शहरों से कनेक्टिंग यात्रा का विकल्प चुनें।
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Fare crosses Rs 13000 yet faith strong








