
जालंधर: प्रवर्तन निदेशालय (ED), जालंधर ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राणा शुगर्स लिमिटेड की ₹22.02 करोड़ की अचल संपत्ति को जब्त कर लिया है। आरोप है कि कंपनी ने विदेश में जारी किए गए ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट्स (GDR) से प्राप्त आय को पूरी तरह भारत वापस न लाकर विदेश में ही रखा।
कांग्रेस विधायकों की कंपनी पर फेमा उल्लंघन का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राणा शुगर्स लिमिटेड के मालिकों में कपूरथला से कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह और उनके बेटे व सुल्तानपुर लोधी से विधायक राणा इंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं। कंपनी में दोनों विधायक और परिवार के अन्य सदस्य हिस्सेदार बताए जाते हैं।
ED द्वारा गुरुवार देर रात जारी बयान में कहा गया कि एजेंसी ने राणा शुगर्स लिमिटेड के प्रमोटरों, निदेशकों और शेयरधारकों के खिलाफ फेमा के प्रावधानों के तहत जांच शुरू की थी। यह जांच GDR जारी करने और इस प्रक्रिया का कथित तौर पर वास्तविक उद्देश्य के लिए उपयोग न करने के आरोपों से संबंधित थी।
22 करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा विदेश में रखने का खुलासा
ED की जांच में यह बात सामने आई कि राणा शुगर्स लिमिटेड ने GDR से प्राप्त कुल आय में से 2.56 मिलियन अमेरिकी डॉलर (जो भारतीय मुद्रा में लगभग ₹22.02 करोड़ बनते हैं) भारत वापस नहीं लाए। ED के अनुसार, यह फेमा, 1999 की धारा 4 का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसके तहत भारतीय कंपनियों को अपनी विदेशी आय निर्धारित समय में भारत वापस लानी होती है।
इसी उल्लंघन के चलते, फेमा की धारा 37A के प्रावधानों का उपयोग करते हुए, ED ने भारत में स्थित कंपनी की ₹22.02 करोड़ मूल्य की अचल संपत्ति को जब्त कर लिया है, जो विदेश में रखी गई राशि के बराबर है।
सेबी भी लगा चुका है जुर्माना, ED की जांच जारी
गौरतलब है कि पिछले साल भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने भी राणा शुगर्स लिमिटेड पर कथित तौर पर फंड को व्यक्तिगत संस्थाओं में ट्रांसफर करने के आरोपों को लेकर ₹63 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया था। ईडी ने कहा है कि इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है।
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Rana Gurjeet and his son Inder Pratap’s property worth Rs 22 crore seized








