नई दिल्ली: पंजाब के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व कद्दावर नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एच.एस. फुल्का ने करीब 7 साल बाद सक्रिय राजनीति में कदम रखते हुए भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। बुधवार दोपहर दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पंजाब में अपनी जमीन मजबूत करने में जुटी भाजपा के लिए फुल्का का साथ आना एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
दंगा पीड़ितों के ‘मसीहा’ की सक्रिय राजनीति में वापसी
एच.एस. फुल्का की पहचान देश के उन चुनिंदा वकीलों में होती है जिन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। दशकों तक अदालतों में पीड़ितों की आवाज बुलंद करने वाले फुल्का का सिख समुदाय और पंजाब की जनता के बीच गहरा सम्मान है। भाजपा में उनके शामिल होने से पार्टी को न केवल पंजाब में एक कद्दावर सिख चेहरा मिला है, बल्कि नैतिक तौर पर भी बड़ा बढ़त मिलने की उम्मीद है।
दिग्गजों की मौजूदगी में थामा ‘कमल’
राजधानी दिल्ली में आयोजित इस ज्वाइनिंग कार्यक्रम में भाजपा के कई बड़े चेहरे नजर आए। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ-साथ पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने फुल्का का पार्टी में स्वागत किया। इस दौरान जाखड़ ने कहा कि फुल्का के आने से पंजाब में पार्टी को नया बल मिलेगा।
AAP के ‘स्टार’ से भाजपा के ‘सिपाही’ तक का सफर
फुल्का ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत साल 2014 में आम आदमी पार्टी के साथ की थी। 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने दाखा सीट से शिरोमणि अकाली दल के दिग्गज नेता मनप्रीत सिंह अयाली को हराकर बड़ी जीत दर्ज की थी और पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी। हालांकि, 2015 के बेअदबी मामलों में तत्कालीन कांग्रेस सरकार की ढुलमुल कार्रवाई से नाराज होकर उन्होंने 2018 में विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था और बाद में ‘आप’ को भी अलविदा कह दिया था।
दिसंबर 2024 में वे कुछ समय के लिए शिरोमणि अकाली दल के पुनर्गठन की प्रक्रिया में साथ दिखे थे, लेकिन अब उन्होंने औपचारिक रूप से भाजपा के साथ अपनी नई राजनीतिक पारी शुरू करने का फैसला किया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि फुल्का की एंट्री से पंजाब में आगामी चुनावों के समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।

Major Political Bombshell in Punjab: HS Phoolka—the ‘Warrior’ of the 1984 Riots—Joins BJP




