फरीदकोट: फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। जेल के अंदर बंद कैदियों और हवालातियों तक मोबाइल फोन पहुंचने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार रात जेल प्रशासन द्वारा की गई अचानक चेकिंग के दौरान एक बार फिर विभिन्न बैरकों से पांच मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
आधी रात को बैरकों की तलाशी में चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस को दी गई आधिकारिक शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक गुरचरण सिंह ने बताया कि जेल अधीक्षक के सख्त निर्देशों पर कर्मचारियों की टीम द्वारा समय-समय पर यह तलाशी अभियान चलाया जाता है। इसी कड़ी में जब रविवार रात को बैरकों की चेकिंग की गई, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। कैदियों के पास से बेखौफ तरीके से इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन बरामद हुए।
इन कैदियों के पास से बरामद हुए फोन
तलाशी के दौरान टीम ने हवालाती भूपेंद्र सिंह उर्फ सोनू (मोगा), विलियम मसीह (गुरदासपुर), सुखवीर सिंह (फाजिल्का) के साथ-साथ कैदी सुखराज सिंह (मोगा) और सागर (फिरोजपुर) के कब्जे से दो टचस्क्रीन और तीन कीपैड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। थाना सिटी पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए इन पांचों आरोपियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्या किसी जेल कर्मचारी की है मिलीभगत?
इस चौंकाने वाले मामले की जांच कर रहे जिला पुलिस के जेल इन्वेस्टिगेशन सेल के इंचार्ज एएसआई गुरपाल सिंह ने बताया कि अब इन सभी नामजद कैदियों और हवालातियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाएगा। पुलिस सख्ती से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद मोबाइल फोन जेल की ऊंची दीवारों को पार कर अंदर कैसे पहुंचे। उन्होंने यह भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच होगी और अगर इसमें किसी भी जेल कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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