चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम कार्यालय में बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब अपनी मांगों को लेकर एक सफाई कर्मचारी ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन का काम करने वाला यह कर्मचारी गुस्से में ज्वाइंट कमिश्नर हिमांशु गुप्ता के दफ्तर में घुस गया और वहां बने रेस्ट रूम में खुद को अंदर से बंद कर लिया। उसने साफ ऐलान कर दिया कि जब तक उसके मोबाइल पर सैलरी क्रेडिट होने का मैसेज नहीं आएगा, वह बाहर नहीं निकलेगा।
‘घर में राशन नहीं, बायोमेट्रिक की वजह से रुकी सैलरी’
कर्मचारी सुरेंद्र ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि उसे और उसके कई साथियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। निगम का तर्क है कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस में तकनीकी दिक्कत के कारण वेतन रोका गया है, जबकि कर्मचारी का दावा है कि वे नियमित रूप से अपना काम कर रहे हैं। सुरेंद्र ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वेतन न मिलने से घर का गुजारा चलना मुश्किल हो गया है और स्थिति यह है कि घर में राशन तक नहीं बचा है। इसी मजबूरी और गुस्से के चलते उसे यह कदम उठाना पड़ा।
फेसबुक लाइव कर प्रशासन को दी चुनौती
मामला बिगड़ता देख निगम अधिकारियों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सेक्टर-17 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक कर्मचारी को बाहर आने के लिए समझाती रही। रेस्ट रूम की बालकनी की ओर शीशे लगे होने के कारण पुलिसकर्मी बाहर से ही सुरेंद्र से बातचीत कर रहे थे, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा रहा। इस दौरान उसने अंदर से ही फेसबुक लाइव भी कर दिया ताकि अपनी बात लोगों तक पहुंचा सके। दूसरी ओर, ज्वाइंट कमिश्नर हिमांशु गुप्ता ने बताया कि उन्होंने सुबह ही अकाउंट्स विभाग को सैलरी जारी करने के निर्देश दे दिए थे, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारी बाहर आने को तैयार नहीं हुआ।
पुलिस ने हिरासत में लिया, आज कोर्ट में पेशी
काफी मशक्कत और लंबी बातचीत के बाद आखिरकार पुलिस दरवाजा खुलवाने में कामयाब रही। दरवाजा खुलते ही पुलिस ने सुरेंद्र को हिरासत में ले लिया। निगम की शिकायत पर उसे गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए उसके खिलाफ प्रिवेंटिव एक्शन (एहतियाती कार्रवाई) लिया गया है। पुलिस ने जानकारी दी कि आरोपी कर्मचारी को गुरुवार को एसडीएम कोर्ट में पेश किया जाएगा।

High-voltage drama erupts at the Municipal Corporation, as an employee, unpaid for three months




