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पंजाब में रेलवे ट्रैक पर बिछी लाशें, ट्रेन की चपेट में आने से दो मजदूरों की दर्दनाक मौत; 11 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

लुधियाना: लुधियाना में दो अलग-अलग स्थानों पर हुए दर्दनाक ट्रेन हादसों ने दो हंसते-खेलते परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया है। इन हादसों में फैक्ट्री में मजदूरी करने वाले दो लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। दोनों ही मृतक अपने-अपने परिवारों के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। ट्रेन की भयानक टक्कर के कारण एक व्यक्ति के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि दूसरे की पसलियां बुरी तरह टूट गईं, जिससे दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इन मौतों की खबर मिलते ही दोनों के घरों में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

धूरी लाइन पर दर्दनाक हादसा, सामान लेने निकले भैरो प्रसाद की गई जान

पहला खौफनाक हादसा धूरी लाइन पर हुआ, जहां दशमेश नगर की गली नंबर 13 में रहने वाले भैरो प्रसाद ट्रेन का शिकार हो गए। ट्रैक्टर पार्ट्स की फैक्ट्री में काम करने वाले भैरो प्रसाद घर से कुछ सामान लेने के लिए निकले थे, तभी ट्रैक पार करते समय यह अनहोनी हो गई। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी। स्थानीय लोगों ने उन्हें खून से लथपथ हालत में ट्रैक के पास पड़ा देखकर तुरंत परिवार को सूचना दी। मूल रूप से बिहार के भागलपुर जिले के रहने वाले भैरो प्रसाद के परिवार में पत्नी गीता और तीन बच्चे हैं, जिनमें से बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया।

ढंडारी इलाके में दूसरी घटना, 8 बच्चों के पिता मुलई ने तोड़ा दम

दूसरी हृदयविदारक घटना ढंडारी इलाके में रेलवे पुल के नीचे घटी। यहां 45 वर्षीय मुलई रेलवे ट्रैक पार करते समय एक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले (महराजगंज) के रहने वाले मुलई भी एक स्थानीय फैक्ट्री में काम करके अपने बड़े परिवार का पेट पाल रहे थे। उनकी शादी को करीब 15 साल हो चुके थे और उनके परिवार में 7 बेटियां और 1 बेटा है। हादसे की मनहूस खबर जैसे ही उनके परिजनों तक पहुंची, पूरे घर में चीख-पुकार मच गई।

जीआरपी ने शुरू की जांच, शॉर्टकट के चक्कर में जा रही है जान

इन दोनों ही मामलों में जीआरपी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में ये दोनों मामले हादसे ही प्रतीत हो रहे हैं, लेकिन फिर भी हर संभावित पहलू से मामले की गहराई से जांच की जा रही है। शहर में लगातार हो रहे इन जानलेवा रेल हादसों ने एक बार फिर लोगों द्वारा शॉर्टकट के चक्कर में रेलवे ट्रैक पार करने की बढ़ती लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Bodies littered the railway tracks in Punjab, two laborers tragically died after being hit by a train