अमृतसर: श्री दरबार साहिब (स्वर्ण मंदिर) से होने वाले पवित्र गुरबाणी कीर्तन के सीधे प्रसारण को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गैलेक्टिक टेलीविजन एंड कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड (GTC) नेटवर्क ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। नेटवर्क का दावा है कि SGPC के आधिकारिक यूट्यूब चैनल की फीड को जानबूझकर खराब किया जा रहा है, ताकि एक खास कमर्शियल ब्रॉडकास्टर को फायदा पहुंचाया जा सके। इस नए विवाद ने गुरबाणी प्रसारण के नियंत्रण और पहुंच को लेकर चल रही पुरानी बहस को फिर से हवा दे दी है।
GTC का आरोप, ‘यह तकनीकी खराबी नहीं, सोची-समझी साजिश है’
GTC नेटवर्क के प्रबंध निदेशक रबिंद्र नारायण ने SGPC को कड़े शब्दों में पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका दावा है कि 15 अगस्त से लगातार SGPC के यूट्यूब चैनल पर प्रसारण के दौरान स्क्रीन काली (ब्लैक फ्रेम) हो रही है और ऑडियो म्यूट किया जा रहा है। कई श्रद्धालुओं ने भी इस रुकावट को नोटिस किया है। नारायण का कहना है कि अगर यह महज कोई तकनीकी खराबी होती, तो एक ही सोर्स से जाने वाली सभी फीड प्रभावित होतीं। लेकिन, इसी लाइव फीड का प्रसारण PTC नेटवर्क पर बिना किसी रुकावट के हो रहा है, जो यह साबित करता है कि SGPC के यूट्यूब चैनल पर यह समस्या जानबूझकर पैदा की जा रही है।
7 दिन का अल्टीमेटम और ऑडिट की मांग
इस कथित छेड़छाड़ पर कड़ा रुख अपनाते हुए GTC नेटवर्क ने SGPC से सात दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा है। नेटवर्क ने मांग की है कि इस प्रसारण से जुड़े फैसले लेने वालों की पहचान की जाए और पूरे ब्रॉडकास्ट सिस्टम का एक स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट करवाया जाए। GTC ने यहां तक प्रस्ताव दिया है कि अगर SGPC इस तकनीकी समस्या को ठीक करने में असमर्थ है, तो वे बिना किसी शर्त के अपने खर्चे पर आधुनिक उपकरण और तकनीकी सहायता देने को तैयार हैं। नेटवर्क ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो वे उचित कानूनी कदम उठाने को मजबूर होंगे।
‘सिख मर्यादा के खिलाफ है यह कृत्य’
GTC नेटवर्क ने इस मुद्दे को सिख मर्यादा और परंपराओं से भी जोड़ा है। उनका तर्क है कि गुरबाणी एक सार्वभौमिक आध्यात्मिक धरोहर है, जिस पर सभी की समान पहुंच होनी चाहिए। किसी एक चैनल को लाभ पहुंचाने के लिए SGPC के खुद के डिजिटल प्रसारण की गुणवत्ता को गिराना, दुनियाभर के सिख समुदाय के साथ एक बड़ा धोखा है। बता दें कि SGPC ने पहले ही GTC के री-ब्रॉडकास्ट के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का मामला दर्ज कराया हुआ है, जिस पर दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है।
SGPC का पलटवार, GTC को नहीं है कोई अधिकार
इन गंभीर आरोपों पर SGPC ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। SGPC के सचिव बलविंदर सिंह कलवान ने स्पष्ट किया है कि GTC नेटवर्क के पास श्री दरबार साहिब से पवित्र गुरबाणी को दोबारा प्रसारित करने का कोई वैध या कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला पहले से ही अदालत में लंबित है, इसलिए तकनीकी रूप से GTC प्रसारण को लेकर कोई आपत्ति नहीं उठा सकता। कलवान ने साफ तौर पर कहा कि अगर सिस्टम में कोई तकनीकी खराबी है भी, तो उसे आम श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जांचा और ठीक किया जाएगा, न कि GTC के किसी दबाव या निर्देश पर।


Controversy over Gurbani broadcast from the Golden Temple; sensational allegation against the SGPC




