पटियाला: पटियाला जिले के एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने अपनी लगन और अनोखी शिक्षण शैली से पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। 25 सालों से भौतिक विज्ञान (फिजिक्स) जैसे जटिल विषय को बेहद आसान तरीके से पढ़ाने वाले दिनेश कुमार को देश के सर्वोच्च ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026’ के लिए चुना गया है। सरकारी विक्टोरिया गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के इस शिक्षक की इस शानदार उपलब्धि से न सिर्फ उनके छात्र उत्साहित हैं, बल्कि पूरे शिक्षा विभाग में जश्न का माहौल है।
मेरी क्लास में कोई ‘बैकबेंचर’ नहीं
दिनेश कुमार का स्पष्ट मानना है कि उनकी कक्षा में कोई भी छात्र ‘बैकबेंचर’ (पीछे बैठने वाला) नहीं होता। उनका हमेशा से यही प्रयास रहा है कि वह अपने हर एक छात्र पर बराबर ध्यान दें और उनके लिए कड़ी मेहनत करें। दिनेश कहते हैं कि उनका मुख्य उद्देश्य ऐसे सरल तरीके खोजना होता है जिससे कक्षा का हर बच्चा भौतिक विज्ञान जैसे विषय में गहरी रुचि ले सके। उनका मानना है कि जब विषय समझ में आता है, तभी बच्चे अच्छे अंक ला पाते हैं। इस अवॉर्ड को लेकर दिनेश कुमार का कहना है कि यह उनके लिए एक सुखद आश्चर्य है। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि बच्चों के लिए फिजिक्स को आसान बनाने की उनकी यह छोटी सी कोशिश उन्हें इतने बड़े राष्ट्रीय मुकाम तक ले जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने बताया पंजाब के लिए गौरव का पल
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस बड़ी उपलब्धि पर दिनेश कुमार को बधाई देते हुए उन्हें राज्य के पूरे शिक्षक समुदाय के लिए एक बड़ी प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि यह पूरे पंजाब के शिक्षकों के लिए बेहद गर्व का क्षण है। डॉ. दिनेश कुमार की इनोवेटिव और लैब-आधारित शिक्षण पद्धति ने अनगिनत छात्रों के लिए विज्ञान को जीवंत बना दिया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह प्रतिष्ठित सम्मान सिर्फ दिनेश की व्यक्तिगत उत्कृष्टता को ही नहीं, बल्कि पंजाब के शिक्षक समुदाय के समर्पण और शिक्षा के क्षेत्र में राज्य के बढ़ते नेतृत्व को भी दर्शाता है।
छात्रों के चहेते हैं दिनेश सर, 5 सितंबर को मिलेगा अवार्ड
दिनेश कुमार सिर्फ एक अच्छे शिक्षक ही नहीं, बल्कि अपने छात्रों के बीच खासे लोकप्रिय भी हैं। उनके छात्रों का कहना है कि उनकी क्लास और फिजिक्स लैब में जाना हमेशा एक शानदार अनुभव होता है। वह बेहद सहयोगी हैं और जब तक छात्रों के सारे डाउट क्लियर नहीं हो जाते, तब तक चीजों को बार-बार समझाने से कभी पीछे नहीं हटते। छात्रों के मुताबिक, सर हमेशा समय के पाबंद रहते हैं और अपनी क्लास न होने पर भी मदद के लिए उपलब्ध रहते हैं।
सरकारी मोहिंद्रा कॉलेज से स्नातक और पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से मास्टर्स की डिग्री हासिल करने वाले दिनेश कुमार को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार आगामी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्टता, नवाचार और अटूट समर्पण का सबसे बड़ा प्रमाण है।


This government teacher from Punjab has achieved something remarkable; his teaching style




