जालंधर: भारतीय सेना ने सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और तस्करी को करारा जवाब देने के लिए अपनी तैयारियां अभेद्य कर ली हैं। दुश्मन की हर नापाक हरकत पर आसमान से चील सी नजर रखने के लिए पंजाब के जालंधर कैंट में एक बेहद खास और देश की पहली ‘बाज ड्रोन बटालियन’ की तैनाती की गई है। सेना की 11वीं वज्र कोर के इस बड़े कदम से पाकिस्तान के पसीने छूटना तय हैं, क्योंकि अब सीमा पर परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा।
स्वदेशी और विदेशी घातक ड्रोन्स का है जमावड़ा
इस नई बटालियन की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें भारत में निर्मित स्वदेशी घातक ड्रोन्स के साथ-साथ अमेरिका और इजरायल की आधुनिक तकनीक से लैस ‘हेरॉन’ और ‘हर्मीस’ जैसे अत्याधुनिक ड्रोन्स शामिल किए गए हैं। यह यूनिट न सिर्फ मीलों दूर से दुश्मनों की जासूसी करने में सक्षम है, बल्कि जरूरत पड़ने पर दुश्मन की एयर स्ट्राइक को हवा में ही नाकाम करने और रसद की सप्लाई करने की भी क्षमता रखती है। इस पूरी कमान को संभालने के लिए तकनीकी सैन्य विशेषज्ञों की एक खास टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो रियल-टाइम में हाई-डेंसिटी डेटा प्रोसेसिंग और आधुनिक ड्रोन वारफेयर की हर बारीकी को बखूबी समझती है।
जालंधर ही क्यों बना सेना का सबसे बड़ा ‘स्ट्रैटेजिक हब’?
रणनीतिक दृष्टिकोण से सेना ने इस बटालियन के लिए जालंधर को सबसे मुफीद लोकेशन माना है। जालंधर एक ऐसा सेंट्रल पॉइंट है, जहां से अमृतसर, फिरोजपुर, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों की दूरी बिल्कुल संतुलित है। किसी भी आपात स्थिति में यहां से पलक झपकते ही रिस्पॉन्स दिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, आदमपुर वायुसेना स्टेशन और अन्य सैन्य हवाई अड्डों की नजदीकी के कारण एमक्यू-9बी प्रेडेटर और हेरॉन जैसे बड़े ड्रोन्स के संचालन, उनके लिए रनवे और तकनीकी रखरखाव की सुविधाएं यहां आसानी से उपलब्ध हैं।
सीमा पार की तस्करी और घुसपैठ पर लगेगी पूर्ण लगाम
पंजाब की 500 किलोमीटर से अधिक लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान लंबे समय से छोटे ड्रोन्स के जरिए ड्रग्स और हथियारों की तस्करी की साजिशें रचता रहा है। अब जालंधर का यह नया सेंट्रलाइज्ड ‘ड्रोन हब’ तकनीकी सर्विलांस के जरिए ऐसी हर हरकत पर वास्तविक समय में लगाम लगाएगा। रूस-यूक्रेन युद्ध के हालातों और हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान जालंधर के कई इलाकों में पाकिस्तानी ड्रोन्स को मार गिराने में मिली भारी सफलता के बाद सेना ने यह नई और आक्रामक रणनीति तैयार की है, जो दुश्मनों के हर मंसूबे को मिट्टी में मिला देगी।


Pakistan is in for trouble… the Army’s first ‘Baaz Drone Battalion’ has landed in Jalandhar




